जिला आयुर्वेदिक अस्पताल बालू में दम तोड़ रही चिकित्सा पद्धति
ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आज भी इसी पद्धति से करवाते हैं बीमारी का इलाज
उपचाराधीन मरीजों को स्टाफ नर्सों की कमी के कारण हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल बालू में स्वीकृत आठ स्टाफ नर्सों के पद पिछले दो सालों से खाली हैं। इस कारण मरीजों के इलाज और देखभाल में काफी परेशानी हो रही है।
सरकार और विभाग रिक्त पदों को भरने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। यही वजह है कि स्वीकृत पद होने के बावजूद स्टाफ नर्सों की तैनाती नहीं की जा रही है। जिले भर से मरीज आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। पांच से दस मरीज यहां भर्ती भी होते हैं। ऐसे मरीजों का इलाज करना अस्पताल प्रबंधन के लिए मुश्किल हो रहा है। जिले में जो भी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थान चल रहे हैं, वहां चिकित्सकों की कमी चल रही है। ऐसे में सभी क्षेत्रों से मरीज अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए जिला अस्पताल का रुख करते हैं। वहां भी उन्हें स्टाफ नर्सों की कमी का खामियाजा भुगतना पड़ता है।
लोगों में सुनील कुमार, चैन सिंह, रवि कुमार, हंसराज, देवेंद्र कुमार, केवल, प्यार सिंह और विनोद कुमार ने बताया कि जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ के सभी पद भरे होने चाहिए, क्योंकि यहां मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग इसी पद्धति से अपनी बीमारी का इलाज करवाना पसंद करते हैं। उन्हें स्टाफ की कमी के कारण बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने सरकार व आयुष विभाग से मांग की है कि स्टाफ नर्सों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।
उधर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. दलीप ने बताया कि सरकार को रिक्त पदों बारे अवगत करवाया जा चुका है। जल्द इन पदों को भरने की उम्मीद है।