चंबा। शहर से टनों के हिसाब से निकलने वाले कूड़े को रावी नदी और खुले में फेंकने को लेकर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसको लेकर वन विभाग ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामले में नप के ईओ को अंतिम चेतावनी देते हुए अंतिम नोटिस जारी किया है। वन विभाग का कहना है कि इस चेतावनी के बाद भी अगर नगर परिषद की ओर से रावी नदी में कूड़ा फेंका गया तो वन विभाग उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगा। वन विभाग नगर परिषद ईओ के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवा सकता है।
रावी का दूषित पानी पी रहे लोग
नप की ओर से बार-बार रावी नदी में कूड़ा कर्कट फेंके जाने से नदी का पानी दूषित हो रहा था। इसे कई लोग पीने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसा नहीं करने के लिए नगर परिषद को कई बार वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। मगर नगर परिषद अभी तक कूड़े को वैज्ञानिक ढंग से ठिकाने लगाने के लिए उचित कदम नहीं उठाए हैं। इस वजह से नगर परिषद रावी नदी में कूड़ा फेंककर उसे दूषित कर रहा है। इसको देखते हुए एक दिन पहले ही वन मंडलाधिकारी डॉ. संजीव शर्मा ने नगर परिषद के ईओ को नोटिस जारी कर अंतिम चेतावनी दी है।
इससे नोटिस के बाद नगर परिषद की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। नगर परिषद के पास शहर का कूड़ा कर्कट फेंकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। कुरांह कूड़ा संयंत्र लंबे समय से बंद पड़ा है। कूड़ा संयंत्र बनाने को लेकर नप की ओर से दूसरा कोई विकल्प नहीं तलाशा गया है। अब नगर परिषद के लिए शहर का कूड़ा कर्कट ठिकाने लगाने को लेकर मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
पांच दिन बाद छोड़ी नगर परिषद की जब्त गाड़ी
रात के अंधेरे में रावी नदी में कूड़ा कर्कट फेंकने वाली नप की गाड़ी को भी वन विभाग ने जब्त किया है। इसे पांच दिन के बाद जुर्माना अदा करने के बाद छोड़ा गया है। इसके साथ ही नप ने विभाग को लिख कर दिया कि उनकी गाड़ी दोबारा नदी में कूड़ा नहीं फेंकेगी।
कार्यकारी अधिकारी को दी अंतिम चेतावनी : डॉ. संजीव शर्मा
वनमंडलाधिकारी चंबा डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को रावी नदी में कूड़ा नहीं फेंकने को लेकर अंतिम चेतावनी दी गई है। इसके बाद कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा। सीधे तौर पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसकी जिम्मेवारी स्वयं कार्यकारी अधिकारी की होगी।