भरमौर (चंबा)। प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा को शुरू होने के लिए मात्र एक महीने का समय शेष बचा है। मगर चंबा-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग के गड्ढों को भरने के लिए अभी तक प्रशासन और विभाग ने कोई कदम नहीं उठाए हैं। ऐसे में साफ है कि इस बार गड्ढों से भरी सड़क से श्रद्धालुओं का स्वागत होगा। हालांकि प्रशासनिक बैठकों में हर बार उपरोक्त मार्ग के गड्ढों को ठीक करने की बात होती है। मगर धरातल स्तर पर इसका कार्य शुरू नहीं हो पाता। मार्ग पर पड़े गड्ढों की वजह से राहगीर और चालकों परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय निवासी नारायण सिंह, देसराज, नरेेश कुमार, सुरेंद्र, टेक चंद, रवि कुमार और सुरेंद्र ने बताया कि पट्टी से ददवां तक सड़क को माल रोड़ की तरह संवारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद भी मार्ग की दशा नहीं सुधर पाई है।
चार सालों से चंबा-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग के अंतर्गत आने के बाद भी मार्ग की दशा जस की तस बनी हुई। हल्की बारिश होने पर मार्ग पर भूस्खलन हो जाता है। इसके अलावा गड्ढों में पानी और कीचड़ भरने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। हाल ही में हुई परियोजना सलाहकार की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। इसमें पट्टी से ददवां तक मार्ग को चकाचौंध और लाइटनिंग करने की बात की कही गई थी। मगर अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। इसकी वजह से मार्ग की दुर्दशा होती जा रही है। भरमौर के लोग जब भरमौर से ददवां मार्ग पर टहलने के लिए निकलते हैं, तो गड्ढों में भरा पानी गाड़ी गुजरने पर उनके पर गिरता है। सहायक अभियंता वीर सिंह का कहना है कि जल्द ही सड़क पर पड़े गड्ढों को भरने और टारिंग का कार्य शुरू किया जाएगा।