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पांगी के धरवास में हिमखंड गिरने से फंसे 45 लोग

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चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी के धरवास नाले के पास हिमखंड गिरने से 45 यात्री पूरी रात फंसे रहे। यात्रियों में कई मरीज भी शामिल थे। हिमखंड गिरने के कारण सभी यात्रियों को कड़ाके की ठंड के बीच पूरी रात यहां पर ही गुजारनी पड़ी।
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इस दौरान यहां लगातार बर्फबारी होती रही। इसकी सूचना मिलते ही बीआरओ की टीम मौके पर पहुंची और मंगलवार दोपहर मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया। इसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली और वह चंबा के लिए रवाना हुए।

जानकारी के अनुसार सोमवार को पांगी से चंबा के लिए निकले 41 यात्री और चार चालक रवाना हुए। चालकों समेत इसमें पांच बच्चे, 25 महिलाएं और 15 पुरुष) शामिल थे। सोमवार सायं पांच बजे चंबा के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान जम्मू के श्वास नामक स्थान पर भारी भरकम ल्हासे और चट्टानें गिरने स ेटैक्सियां आगे नहीं निकल पाई। लिहाजा, काफी देर विचार-विर्मश करने पर टैक्सी चालकों ने वापिस पांगी का रूख करने का निर्णय लिया।
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श्वास नाले से अमूमन 29 किलोमीटर पांगी की तरफ आने पर धरवास नाले में गिरे हिमखंड देखकर चालक और यात्री भौचके रह गए। धरवास नाले में बड़ी मात्रा में बर्फ गिरी थी। ऐसे में अब टैक्सी चालक और उसमें सवार 41 यात्री वहीं पर फंसकर रह गए। आखिरकार टैक्सी चालकों ने धरवास नाले से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित धरवास गांव के विश्राम गृह में ठहरने का निर्णय लिया। मगर विश्राम गृह में अधिक लोगों के ठहरने की जगह न होने से पुरुषों ने महिलाओं को विश्राम गृह में छोड़ चालकों ने स्वयं टैक्सियों में ही रुकने का निर्णय लिया।

बहरहाल, चार टैक्सियों में 15 पुरुषों ने सोमवार की रात कड़ाके की ठंड मेें ठिठुरते हुए टैक्सियों में ही गुजारी। टैक्सी चालक सन्नी, नन्हा, रफी ने बताया कि सोमवार को वह चार टैक्सियों में चालक 41 सवारियों को लेकर पांगी से चंबा के लिए निकले थे। मगर हिमखंड गिरने से उन्हें रास्ते में ही रात गुजारनी पड़ी। इसके बाद मामले की सूचना बीआरओ की टीम को मिली जिसने मंगलवार को हिमखंड को हटाकर मार्ग को बहाल किया।

तीन दिन से भूखा है जूनियर टीमेट अनुज
बीते दिनों पत्थर लगने से घायल विद्युत बोर्ड का जूनियर टीमेट अनुज तीन दिनों से भूखा है। पत्थर लगने से अनुज के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। इस कारण सीटी स्कैन करवाना अनिवार्य है। डॉक्टरों का कहना है टीमेट के सिर की चोट गंभीर है। इसको देखते हुए वह अनुज को खाना देकर रिस्क नहीं ले सकते हैं। घायल अनुज को सोमवार पुर्थी से किलाड़ अस्पताल पहुंचा गया था। यहां से चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया है। मगर वाया जम्मू कश्मीर मार्ग पर धरवास में हिमखंड गिरने से मार्ग बाधित रहा। इस वजह से अनुज भी यहां फंसा हुआ है।

इनसेट
एसडीएम पांगी बी. भारती ने बताया कि मंगलवार को उन्हें पांगी से चंबा के लिए निकली टैक्सियों के वापिस आने की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि धरवास नाले में गिरे हिमखंड को सड़क से हटाने के बारे में बीआरओ की टीम को निर्देश जारी किए गए थे। दोपहर 12 बजे तक बीआरओ की टीम ने मार्ग को यातायात के लिए सुचारू करवा दिया। अब सभी टैक्सियां चंबा के लिए रवाना हो गई हैं।
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