मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए पालकी से पहुंचाना पड़ता है सड़क तक
विद्यार्थी हर दिन पांच घंटे पैदल सफर कर पहुंचते हैं सकूल
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। विधानसभा क्षेत्र चुराह की दियोला पंचायत के छह गांव अभी तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। हालत यह है कि गांव में कोई बीमार हो जाए तो उसे पीठ या पालकी में उठाकर पहले सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। इसके बाद एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जाता है। ऐसे में कई बार गंभीर मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ देते हैं।
सड़क के अभाव मेंं विद्यार्थियों को भी रोजाना पांच घंटे पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। सर्दी के मौसम में उन्हें स्कूल से घर पहुंचने में शाम हो जाती है। इसके अलावा ग्रामीणों को खाद्य और गृह निर्माण सामग्री पीठ पर उठाकर या फिर खच्चर के जरिये ही घर तक पहुंचानी पड़ती है। पंचायत के गांव घासेली, सुकराला, बासुआ, कनोदी, फानोता, द्वारी, कुंडौली ,घेवा आजादी के 76 वर्षों बाद भी सड़क से वंचित हैं।
लोगों में रेखा, अशोक नेगी ज्ञान, खेमू नेगी, सनी नेगी, साहब सिंह, राकेश और मीना ने बताया कि सड़क बनाने के लिए वे कई बार लोक निर्माण विभाग से मांग कर चुके हैं, लेकिन आज दिन तक उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगिंद्र कुमार ने बताया है कि गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।