चुवाड़ी (चंबा)। ग्राम पंचायत रायपुर और साडल के बीस गांवों में तीन दिनों से पानी के लिए हाहाकार मचा है। पेयजल की आपूर्ति बंद होने से क्षेत्र की पांच हजार की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नतीजतन, ग्रामीणों को पानी लाने के लिए नजदीकी प्राकृतिक जल स्रोत का ही रूख करना पड़ रहा है। हालांकि, पानी की आपूर्ति बंद होने के बारे में ग्रामीणों ने विभागीय कर्मचारियों को सूचित किया है। बावजूद इसके अभी तक समस्या का समाधान तक नहीं हो पाया है।
बताया जा रहा है कि जिले में होने वाली मूसलाधार बारिश से फगोड़-चलाड़ी योजना से रायपुर और साड़ल पंचायत के रायपुर, लुहारका, रौंणी, चेहली, कोना, मरेलू, लोही, परोच, कुड्डी, नेल, योरी, मनूह, जामल और डोठ गांवों में बीते तीन दिनों से पानी की आपूर्ति बाधित पड़ी है। बारिश के चलते पानी के मुख्य स्रोत के बंद होने और शुक्रवार को पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से यह नौबत पेश आई है। हैरानी की बात तो यह है कि तीन दिनों का समय व्यतीत होने के बाद भी कर्मचारियों ने पेयजल की लाइन को सुचारु नहीं
करवाया है।
चमन कुमार, कुलदीप कुमार, राकेश कुमार, रमेश कुमार, सुनील कुमार, सुरेश कुमार, बचन सिंह, नवीन कुमार, चमन सिंह, योगराज, प्रताप चंद, अंबिया राम, राजीव कुमार, संजय कुमार और अशोक का कहना है कि रायपुर और साडल पंचायतों के तहत दो दर्जन गांवों में तीन दिनों से पानी की आपूर्ति बंद है। पेयजल की आपूर्ति के बंद होने से क्षेत्र की पांच हजार की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आईपीएच विभाग के एसडीओ रणजीत राणा ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि विभागीय कर्मचारियों को पेयजल की आपूर्ति को सुचारु करने के लिए मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पेयजल की आपूर्ति को सुचारु करवा दिया जाएगा।