मूसलाधार बारिश के बाद रावी नदी में बह रही लकड़ियों को पकड़ने के प्रयास में एक महिला तेज बहाव में बह गई। मैहला के पास लकड़ियां पकड़ने आए अन्य ग्रामीणों ने महिला केे चिल्लाने की आवाज सुनकर इसकी सूचना पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस, अग्निशमन विभाग के जवानों और ग्रामीणों ने महिला की तलाश शुरू की। देर शाम तक महिला का पता नहीं चल पाया है।जानकारी अनुसार भारी बारिश के कारण जंगलों में पड़ी लकड़ी रावी नदी में आ गई।
बरसात के दिनों में जंगलों में पड़ी लकड़ी मूसलाधार बारिश के दौरान रावी नदी में बह कर आ जाती है। शुक्रवार को भी लकड़ियां बहकर आ रही थीं तो ग्रामीण लकड़ियां पकड़ने चले गए।
इस दौरान विमला देवी पत्नी स्वर्गीय पूर्ण चंद गांव स्वाण, मैहला भी लकड़ियां इकट्ठा कर रही थी कि उसका पांव फिसला और वह तेज बहाव में बह गई। चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी। सदर थाना प्रभारी किशन कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम का दल मौके पर पहुंचा।
महिला की काफी खोज की लेकिन उसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस टीम दिन भर महिला की तलाश करती रही। जिले के जंगलों में लकड़ी टनों के हिसाब से पड़ी रहती है। वन महकमा लकड़ी को सुरक्षित स्थानों पर नहीं पहुंचा पाता।
और तो और लोगों को भी मांगने पर यह इमारती लकड़ी नहीं मिल पाती। बारिश में यही लकड़ी जंगलों से नदी में बह जाती है। पुलिस अधीक्षक डॉ. मोनिका ने बताया कि मैहला में एक महिला रावी नदी में बह गई। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। अभी तक महिला का कोई सुराग नहीं लगा है।