खज्जियार (चंबा)। पर्यटक स्थल खज्जियार में आधा दर्जन होटलों के सीवरेज टैंक वन्य प्राणी विभाग की भूमि पर बने हैं। जिसकी वजह से वन्य प्राणी क्षेत्र में वातावरण दूषित हो रहा है। क्योंकि सीवरेज टैंक की हालत काफी दयनीय हो चुकी है। कई सीवरेज टैंकों की गंदगी खुले में बह रही है। इसकी वजह से वहां पर बीमारी फैलाने वाले मक्खी-मच्छर पैदा हो रहे हैं। जिन होटल मालिकों ने वन्य प्राणी विभाग की भूमि पर सीवरेज टैंक बना रखे हैं, उनके खिलाफ विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। वन भूमि में सीवरेज टैंक बनाने वाले होटलों में प्राइवेट व सरकारी होटल शामिल हैं। समय रहते सीवरेज टैंक को सरकारी भूमि से हटाया न गया तो सीवरेज की गंदगी वातावरण को प्रदूषित करती रहेगी।
खज्जियार में होटल मालिकों ने पैसे कमाने के चक्कर में तीन से चार मंजिला होटल तो बना रखे हैं। लेकिन होटल में सीवरेज टैंक की व्यवस्था नहीं की गई है। सीवरेज टैंक बनाने के लिए होटल मालिकों ने वन्य प्राणी विभाग की भूमि को चुना है। जो पूर्ण रूप से गैर कानूनी व गलत है। होटल मालिक नियमों की धज्जियां उड़ाकर अपनी मनमर्जी से वन्य प्राणी विभाग की भूमि पर सीवरेज टैंक बना बैठे हैं। खज्जियार आने वाले पर्यटकों को भी इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डीएफओ निशांत मंढोत्रा ने बताया कि जिन होटल मालिकों ने वन भूमि में सीवरेज टैंक बनाए हैं। उन्हें जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे। वन भूमि से सीवरेज टैंकों को हटाया जाएगा। साथ ही ऐसे होटल मालिकों की शिकायत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में भी की जाएगी।