राड़ी गांव में रहने वाले लोगाें की टीबी स्क्रीनिंग करती स्वास्थ्य टीम। स्त्रोत विभाग।
पोर्टेबल एक्सरे से की स्क्रीनिंग, बलगम के सैंपल जांच के लिए सरकारी लैब भेजे
जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए विभाग ने चलाया यह अभियान
छिपे हुए टीबी के मरीजों को ढूंढ कर इलाज करेगा स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राड़ी गांव में टीबी के छिपे हुए मरीजों का पता लगाया। 35 लोगों की पोर्टेबल एक्सरे से स्क्रीनिंग कर स्वास्थ्य जांच की गई। पांच लोगों में टीबी के संभावित लक्षण नजर आए।
इन लोगों के बलगम सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। जिले का यह ऐसा गांव है जहां टीबी के मरीज अधिक हैं। सरकार ने इस गांव में रहने वाली आबादी की स्क्रीनिंग करने के निर्देश विभाग को जारी किए हैं। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर विशेष जांच शिविर लगाया। गांव में रहने वाले सभी लोगों को बुलाया और टीबी स्क्रीनिंग की। मौखिक तौर पर लोगों से उनकी बीमारी के बारे में जानकारी जुटाई गई। इसके बाद पोर्टेबल एक्सरे से उनके भीतर टीबी के संभावित लक्षण तलाशे लेकिन अभी तक वहां टीबी का कोई भी नया मामला सामने नहीं आया। पूरी आबादी की स्क्रीनिंग होने पर छिपे हुए टीबी मरीजों के सामने आने की उम्मीद है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जालम सिंह भारद्वाज ने बताया कि जिले में 397 ऐसे गांव चिह्नित किए गए हैं जहां टीबी के मरीजों की संख्या अन्य गांवों की तुलना में अधिक है। ऐसे में इन सभी गांवों में रहने वाली आबादी की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य टीमों को गांवों में भेजा जा रहा है। आने वाले समय में टीबी के सभी मरीजों का इलाज होने पर जिला पूरी तरह से टीबी मुक्त होगा।