चंबा में पठानकोट-भरमौर एनएच पर जमीं बर्फ के चलते डाली गई रेत।
चंबा। जिले में बारिश और बर्फबारी के बाद जनजीवन पटरी पर लौटना शुरू हो गया है। वीरवार को जहां दिनभर धूल खिली रही तो वहीं, दूसरी तरफ विभिन्न विभागों की टीमों ने फील्ड में पहुंचकर व्यवस्था बहाली का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया। जहां एक ही दिन में विभाग ने 23 सड़कों को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है तो वहीं, दूसरी तरफ 32 ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त कर करीब 160 गांवों में पसरे अंधेरे से लोगों को निजात मिली है। अब सिर्फ 34 मार्ग ही बहाल करने के लिए शेष हैं, जबकि अभी भी 75 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। बर्फबारी के बाद वीरवार रात को मौसम पूरी तरह साफ रहा। इसके चलते सुबह कोहरा पड़ा। इससे मार्गों पर काफी फिसलन रही। प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है कि बर्फबारी के बाद बहाल हुई सड़कों से आवाजाही सावधानीपूर्वक करें। सुबह और शाम के समय मार्ग पर कोहरा पड़ने से फिसलन हो सकती है। वहीं, दूसरी तरफ जोत मार्ग को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है जबकि, लाहल से भरमौर तक मार्ग से बर्फ हटाकर बहाल कर दिया गया है। लक्कड़मंडी डलहौजी मार्ग को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
अब कहां कितने मार्ग बंद
डलहौजी में एक, तीसा में दो, भरमौर में दो, जबकि पांगी में 29 सड़कों की बहाली का कार्य जारी है। तीसा में पांच, भरमौर में तीन और पांगी में सात ट्रांसफार्मर को दुरुस्त करने के लिए टीमें जुटी हुई हैं।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि बर्फबारी के बाद अब व्यवस्था बहाली का कार्य किया जा रहा है। इसके बारे में बिजली बोर्ड और लोक निर्माण विभाग को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।