साहो (चंबा)। प्रदेश सरकार की ओर से तीन वर्ष पूर्व शुरू हुई वन बंधु योजना ने बीच में ही दम तोड़ दिया है। इस योजना का मुख्य मकसद घुमंतू समुुदाय जोकि एसटी से संबंध रखते हैं, उनके पास फसल उगाने के लिए जमीन भी काफी कम होती है। ऐसे परिवारों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए यह योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत एसटी से संबंध रखने वाले गुज्जर समुदाय के लोगों को मशरूम कंपोस्ट सब्सिडी पर दी जा रही थी। चंबा जिले में 25 हजार कंपोस्ट किटों से 300 परिवार इसका लाभ उठा रहे थे। इस योजना के जरिये महिलाएं घर के खाली हॉल में मशरूम तैयार कर रोजगार सृजित कर रही थी।
मगर सरकार ने सब्सिडी खत्म कर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मशरूम कंपोस्ट तैयार करने के कंपोनेंट पर सरकार ने सब्सिडी हटाकर उनकी रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। जिला गुज्जर कल्याण सभा के जिला अध्यक्ष गुलजार अहमद ने बताया कि इस तरह एसटी परिवारों का मशरूम कंपोस्ट पर सब्सिडी हटाया जाना अन्याय है। उन्होंने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि एसटी परिवारों के उत्थान के लिए मशरूम कंपोस्ट पर 85 प्रतिशत सब्सिडी देकर सरकार इस योजना दोबार शुरू करे। जिससे इन 300 परिवारों का मशरूम कंपोस्ट योजना से भरण पोषण चलता रहे। बीडीओ चंबा सुशील कुमार ने बताया कि योजना के तहत इस वर्ष बजट नहीं आया है। एसटी परिवार मशरूम कंपोस्ट के लिए बीडीओ कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। जिला स्तरीय प्रशासनिक बैठक में दोबारा सब्सिडी देने को लेकर विचार किया जाएगा।