चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज के जन औषधि केंद्र पर शनिवार को दिन भर ताला लटका रहा। इस वजह से अस्पताल में आए मरीजों को सस्ती दवाइयां नहीं मिल पाई। इस दौरान जन औषधि केंद्र में तैनात कर्मचारी मोबाइल पर सोशल मीडिया का लुत्फ उठाते रहे। जबकि जेनेरिक और सस्ती दवाएं केंद्र में लेने आए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। मरीजों ने केंद्र बंद होने को लेकर जब मोबाइल पर कर्मचारियों से पूछा तो कर्मचारियों ने जवाब दिया कि जन औषधि केंद्र का शटर खराब हो चुका है। इसे ठीक करने के लिए बोला गया है। अगर शटर को ठीक करने के लिए कोई आता है। तो केंद्र खोला जाएगा। अन्यथा ऐसे ही बंद रहेगा। इसकी वजह से निराश मरीजों को सिविल सप्लाई की दुकान और निजी केमिस्टों से ब्रांडेड व महंगी दवाएं
खरीदनी पड़ी।
तीमारदार सोनू, राकेश कुमार, चंद राम, सुरेंद्र, मान सिंह, टेक चंद, रवि कुमार, हेमराज, बलदेव, सुरेश कुमार और रणवीर ने बताया कि केंद्र सरकार एक ओर जन औषधि केंद्र में मरीजों को सस्ती और जेनेरिक दवाएं देने की बात कह रही है। वहीं दूसरी तरफ चंबा मेडिकल कॉलेज में इसका मरीजों को कोई लाभ नहीं दिया जा रहा। सुबह के समय केंद्र का जब शटर खराब हुआ तो उसे खोलने और ठीक करवाने को प्रबंधन की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसका खामियाजा गरीब मरीजों को भुगतना पड़ा। जबकि एक शटर को खोलने और रिपेयर करवाने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है। मगर अस्पताल प्रबंधन ने इसको लेकर ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसको लेकर मरीजों और तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सरकार और जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। ताकि भविष्य में दोबारा इस प्रकार की अव्यवस्था देेखने को न मिले।