चंबा। भारी बारिश के कारण जिले में कई रूटों पर बस सेवाएं ठप हो गई हैं। इसके चलते मुसाफिर बे‘बस’ हो गए हैं। करीब 30 रूटों पर एचआरटीसी की बसें नहीं दौड़ पा रही हैं जबकि 23 रूट ऐसे हैं जहां गाड़ियां फंसी हुई हैं। सड़कें बंद होने से एचआरटीसी प्रबंधन को छह से सात लाख की रोजाना चपत लग रही है। इससे जहां एचआरटीसी को घाटा हो रहा है वहीं यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि यात्रियों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए निजी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय में इन दिनों अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का आयोजन किया जा रहा है। सड़कें बंद होने के कारण लोगों को बस सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। भरमौर, तीसा सहित अन्य इलाकों में सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग इन सड़कों को बहाल करने में प्रयासरत है लेकिन बरसात के मौसम में सड़कें बार-बार बंद हो रही हैं। मिंजर मेले के दौरान एचआरटीसी को मुनाफे की उम्मीद रहती है लेकिन सड़कें बंद होने के कारण एचआरटीसी को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। कुल मिलाकर जहां बारिश से एचआरटीसी को घाटा हो रहा है तो वहीं, दूसरी तरफ यात्रियों की आवाजाही भी निजी वाहनों और टैक्सियों पर निर्भर हो गई है। आरएम शुगल सिंह का कहना है कि बारिश के कारण निगम को प्रतिदिन छह से सात लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। कहा कि 30 रूट प्रभावित हो रहे हैं जबकि 23 बस रूटों पर बसें फंसी हुई हैं।