बिजली लाइन सुचारू करने के लिए ट्रांसफार्मर को खींच कर ले जाते बोर्ड कर्मी और ग्रामीण। संवाद
चंबा। जिले में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जन-जीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। एक हफ्ते के बाद भी भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत 239 सड़कें अवरुद्ध हैं, जबकि 261 ट्रांसफार्मर बंद होने से 1305 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। लोग अंधेरे में ही जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बिजली न होने से लोगाें के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण महज शोपीस बने हुए हैं। भारी बारिश से 85 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने से लोगों को मीलों पैदल चल कर या फिर वाहनों के जरिये ही प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ी हैं। हालांकि सेवाओं को बहाल करने के लिए विभिन्न विभागीय टीमें दिन-रात कार्य में जुटी हैं।
सलूणी में 50, चंबा में 48, भरमौर में 44, तीसा में 38, भटियात में 25, पांगी में 18 और डलहौजी में आठ सड़कें बंद हैं। इस कारण लोगों को अपने रिस्क पर ही पैदल आवाजाही करनी पड़ रही हैं। वहीं, चंबा में 101, तीसा में 81, भरमौर में 45, भटियात में 23, सलूणी में सात और डलहौजी में चार ट्रांसफार्मर ठप हैं। इसके अलावा सलूणी में 25, तीसा में 18, भरमौर में 16, पांगी में 11, चंबा में आठ और भटियात में सात पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिन्हें सुचारु करने में विभागीय कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही हैं। उधर, उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारु करने के लिए विभागीय टीमें फील्ड में हैं। आगामी समय में सेवाएं बहाल होने की पूरी कोशिश की जा रही है।