चंबा के सलूणी में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त मकान।संवाद
तेलका (चंबा)। उपमंडल सलूणी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन और जमीन धंसने से मकान और गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई परिवार बेघर होकर पड़ोसियों के घरों में शरण लेने के लिए मजबूर हैं। ग्राम पंचायत सेरी के गांव अटालु कंठ में राम देवी पत्नी दयाल का पक्का मकान ध्वस्त हो गया। मकान रहने योग्य नहीं बचा, जिससे परिवार बेघर हो गया। इसी प्रकार ग्राम पंचायत द्रेकड़ी के गांव खनकुड़ में भी तीन मकानों में दरारें आ गई हैं। प्रभावित लोगों में दर्शन पुत्र माधो, ममता पत्नी स्वर्गीय कुलदीप कुमार और राम कृष्ण पुत्र प्रेम लाल शामिल हैं। लगातार बढ़ रही दरारों के चलते इन परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और पड़ोसियों के घरों में शरण ली है।
वहीं, ग्राम पंचायत सालवां के गांव बंजोड़ी में विपन कुमार पुत्र चैन लाल की गोशाला ढह गई है। इससे पशुधन को भी खतरा पैदा हो गया है और परिवार को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच ग्राम पंचायत भजोत्रा के गांव नगवाड़ी में बृजलाल पुत्र सुखदेव के मकान के आगे की जमीन खिसक गई है। इससे उनके मकान को भूस्खलन खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि लगातार हो रही बरसात से यह मकान भी कभी भी ढह सकता है। प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रयास शुरू कर दिए है। नायब तहसीलदार तेलका कुशल के नेतृत्व में एक टीम गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने भेजी गई है। टीम द्वारा नुक़सान का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर प्रभावित परिवारों को राहत और सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। लगातार हो रही बरसात से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग प्रशासन से सुरक्षित पुनर्वास और शीघ्र राहत देने की मांग कर रहे हैं।
चंबा के सलूणी में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त मकान।संवाद