सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी क्षेत्र के किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इसकी वजह यह है कि यहां कृषि विभाग के कार्यालयों में संबंधित अधिकारियों के ज्यादातर पद खाली पड़े हैं। इसके चलते कार्यालयों कई कार्यालयों में ताले लटके हैं। इस कारण सलूणी की 43 पंचायतों में 25000 से अधिक किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इन योजनाओं की जानकारी देने के लिए कृषि केंद्रों में कोई अधिकारी मौजूद नहीं है। किसान योजनाओं का लाभ लेने के लिए कृषि केंद्रों में जाते हैं, तो उन्हें वहां पर ताला लटका रहता है। कई केंद्रों में चपरासी बैठे मिलते हैं। हालत यह है कि विकास खंड सलूूणी में कृषि विभाग के ज्यादातर केंद्र बंद हो चुके हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार सलूणी में एईओ के छह पद स्वीकृत हैं। इसमें चार पद खाली हैं। जबकि कृषि विकास अधिकारी के दो पद और कृषि प्रसार अधिकारी के दो पद खाली हैं। मगर इन्हें भरने के लिए सरकार और कृषि विभाग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। किसान अमर सिंह, बिहारी लाल, तुला राम, मनसा राम, पवन ठाकुर, सुरेश कुमार, मदन लाल, कैलाश चंद और नरेंद्र ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि विकास खंड सलूणी में कृषि विभाग के कार्यालयों में खाली पड़े अधिकारियों के पद भरे जाएं।
ये कृषि केंद्र हो चुके हैं बंद
सलूणी विकास खंड के अधीन आने वाले बरंगाल, लचोड़ी, तेलका, किहार और सिमली कृषि केंद्र में कोई अधिकारी नियुक्त न होने की वजह से यह केंद्र बंद हो चुके हैं।
उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया है रिक्त पदों बारे : भोला सिंह
कृषि विभाग के कार्यकारी उपनिदेशक भोला सिंह ने बताया कि खाली पदों के बारे में विभागीय उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया गया है। रिक्त पदों के भरते ही बंद केंद्रों को चालू करवा दिया जाएगा।