चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा के आपातकालीन कक्ष में भर्ती होने वाले मरीजों को डिस्चार्ज कार्ड बनवाने के लिए नहीं भटकना होगा। नए आदेशों के तहत अब आपातकालीन वार्ड में ही मरीजों के डिस्चार्ज कार्ड बनेंगे। इससे मरीजों को अस्पताल से छुट्टी लेने के लिए वार्डों में नहीं भटकना पड़ेगा। इसके तहत जो मरीज 72 घंटो तक आपातकालीन कक्ष में भर्ती रहता है, उसे लाभ मिलेगा। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश जारी कर दिए हैं। यह व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगी।
इससे पहले गंभीर बीमारी और दुर्घटना में घायल होने वाले मरीज जो 24 और 72 घंटों तक आपातकालीन कक्ष में भर्ती होते थे। उन्हें जब उन्हें डॉक्टर से छुट्टी दी जाती थी, तो तीमारदारों को वार्ड में जाकर पहले डिस्चार्ज कार्ड बनाना पड़ता था। इसके बाद ही उन्हें छुट्टी मिल पाती थी। मगर नए निर्देशों के तहत ऐसे मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा अस्पताल में मरने वाले लोगों के शव को ढकने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से सफेद कपड़ा दिया जाएगा।
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इसके लिए चिकित्सा अधीक्षक को पर्याप्त मात्रा में सफेद कपड़ा रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। अकसर अस्पताल में जब किसी की मौत होती है तो तीमारदारों को शव ढकने के लिए चादर या शॉल इस्तेमाल करने पड़ते थे। मगर अब ऐसा नहीं होगा। इसके अलावा सेनीटेशन प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं कि वह अस्पताल में कॉकरोच और खटमलों को मारने की उचित व्यवस्था करें। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
आपातकालीन कक्ष में ही बनेंगे मरीजों के डिस्चार्ज कार्ड: डॉ ओहरी
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने बताया कि आपातकालीन कक्ष में 72 घंटे तक भर्ती होने वाले मरीज को डिस्चार्ज कार्ड बनाने के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कक्ष में ही मरीज के डिस्चार्ज कार्ड बनेंगे। इसके अलावा अस्पताल में शव को ढकने के लिए प्रबंधन की ओर से सफेद कपड़ा भी मुहैया करवाया जाएगा।