अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। बाल देखरेख संस्थानों में रह रहे बच्चों की अब व्यक्तिगत काउंसलिंग होगी। इस संदर्भ में जिला बाल संरक्षण इकाई चंबा ने निर्देश जारी कर दिए हैं। काउंसलिंग के दौरान एक-एक बच्चे की अलग से काउंसलिंग की जाएगी ताकि बच्चे खुलकर अपनी समस्याओं को बता सकें। इससे पहले बाल देखरेख संस्थानों में रह रहे बच्चों की काउंसलिंग समूहों में होती थी। ऐसे में कुछ बच्चे अपनी बात डर के चलते भी नहीं कह पाते थे।
गौरतलब है कि जिला के एक बालिका आश्रम में बच्चियों के साथ छेड़छाड़ का मामला हाल ही में सामने आया है। इस मामले को उजागर करने में जिला बाल संरक्षण इकाई की भूमिका अहम रही। इस मामले को लेकर लगातार काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग में बच्चियों ने अपने साथ हुई छेड़छाड़ बारे बताया। जिला बाल संरक्षण इकाई ने अब इन बच्चियों को चंबा स्थित बाल देखरेख संस्थान में शिफ्ट कर दिया। साथ ही बच्चों की मानसिकता को मजबूत करने के लिए भी अब प्रयास शुरू कर दिए हैं। इकाई द्वारा अब व्यक्तिगत काउंसलिंग की जाएगी।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि पहले ग्रुप काउंसलिंग की जाती थी। अब व्यक्गित काउंसलिंग पर जोर दिया जाएगा ताकि बच्चें अपनी समस्याओं को खुलकर बिना किसी भय के समक्ष रख सके।