भरमौर में खड्डी पर शॉल बनाना सीखती महिलाएं: जागरूक पाठक
भरमौर क्षेत्र में महिलाएं और युवतियां खड्डी पर तैयार कर रहीं शॉल
प्रतिदिन दिया जा रहा 400 रुपये भत्ता, पहले मिलते थे 300 रुपये प्रतिदिन
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। भरमौर की वादियों में इन दिनों सिर्फ ऊन की बुनाई नहीं, बल्कि सपनों की भी बुनावट हो रही है।
खड्डी पर शॉल तैयार करतीं 20 महिलाएं और युवतियां न केवल पारंपरिक कला को जीवित रख रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की राह भी खुद ही तैयार कर रही हैं। इससे हुनर के साथ रोजगार का धागा भी मजबूत होता जा रहा है।
हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कॉरपोरेशन चंबा की ओर से 27 दिवसीय प्रशिक्षण केंद्र का आगाज किया गया है। इसमें 20 युवतियां और महिलाएं खड्डी पर शॉल बनाना सीख रही हैं। प्रशिक्षण की खास बात यह है कि इसमें भाग ले रहीं युवतियों और महिलाओं को प्रतिदिन 400 रुपये का भत्ता भी दिया जा रहा है जबकि पहले यह राशि 300 रुपये प्रति दिन मिल रही थी। इससे महिलाएं और युवतियां प्रशिक्षण के साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रही हैं। वे स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। कॉरपोरेशन के प्रभारी शीतल कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और युवतियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ऐसे प्रशिक्षण केंद्र खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से युवतियां और महिलाएं न केवल पारंपरिक कला सीखेंगी, बल्कि भविष्य में अपना खुद का काम भी शुरू कर सकेंगी।