चंबा-साहो रूट पर भी लुडेरा के पास तकनीकी खराबी आने से थमे बस के पहिये
यात्रियों की आफत बढ़ी, बोले- आए दिन बीच रास्ते में खराब हो रहीं खटारा बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
चनेड़/साहो (चंबा)। पठानकोट से चंबा आ रही एक बस आधे रास्ते में ही हांफ गई। दस किलोमीटर पीछे ही बस के पहिये थम गए। इस दौरान करीब 25 सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सभी यात्री निगम की लचर व्यवस्था को कोसते नजर आए। एक घंटा इंतजार करने के बाद भी यात्रियों को निजी वाहनों से चंबा पहुंचना पड़ा। चंबा-साहो रूट की भी पावर हाउस के समीप और लुडेरा के पास तकनीकी खराबी आने के कारण बस के पहिये थम गए। यात्रियों को दूसरी बस से चंबा आना पड़ा। इस घटना ने निगम की बस सेवा और रखरखाव की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया।
यात्रियों में राम लाल, अजय शर्मा, किशन कुमार, राज कुमार, दीपक कुमार, दलजीत सिंह, सीमा देवी, सुमन कुमारी और ललिता देवी ने बताया कि बस अचानक खराब हो गई। घंटों धूप में खड़ा रहकर इंतजार करने के बाद चंबा पहुंचे। यह निगम की लापरवाही है। यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। ऐसी खटारा बसों से सफर करना असंभव है। जिम्मेदारों को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह घटना साफ दिखाती है कि बसों का रखरखाव समय पर नहीं हो रहा। हर रूट पर नई और सुरक्षित बसें होनी चाहिए। यात्रियों ने मांग की है कि खटारा बसों को रूटों पर भेजकर सवारियों को परेशानी झेलने पर मजबूर न करें। बसों की सही से जांच करके उसे रूटों पर भेजें।
एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि तकनीकी खराबी के चलते बसों में ऐसी समस्या उत्पन्न हुई है। मेकेनिकों को भेजकर बसों को दुरुस्त करवा दिया जाएगा।