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डॉक्टरों की मांग को लेकर तीसा अस्पताल के बाहर भूख हड़ताल जारी

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अमर उजाला ब्यूरो

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चांजू (चंबा)। विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज के गृह क्षेत्र के तीसा अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। सोमवार को डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की की मांग को लेकर देहात सुधार समिति की भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। इसके बावजूद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। हालांकि कृषि मंत्री ने जनमंच कार्यक्रम में इस मसले को उठने पर कैबिनेट में मसला उठाने का आश्वासन दिया है। मगर स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का इस मामले में निराशाजनक रवैया ही रहा है। यही वजह है कि अब क्षेत्र के युवाओं और लोगों ने 11 अक्तूबर से आमरण अनशन पर बैठने का फैसला लिया है। सोमवार को क्रमिक अनशन पर राहुल कुमार और जान मोहम्मद बैठे। उनके साथ देहात सुधार समिति, रामलीला क्लब और महिला मंडल के सदस्य भी मौजूद रहे। उन्होंने अनशन पर बैठे लोगों को हौसला बढ़ाया। इसके साथ ही उनकी मांगों का समर्थन किया।
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राहुल और जान मोहम्मद ने बताया कि तीसा अस्पताल में डॉक्टरों के खाली पद भरने के लिए वह भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मगर सरकार उनकी समस्या का समाधान करने में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इसको लेकर लोगों में सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सरकार को चेताया कि अगर दस अक्तूबर तक अस्पताल में डॉक्टरों के खाली पद नहीं भरे गए, तो क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा। इसके बाद जो भी परिस्थिति पैदा होगी। उसकी जिम्मेवारी सरकार और विभाग की होगी। इसके लिए लोगों ने पहले ही सरकार और प्रशासन को अवगत करवा दिया था। सोमवार को भी एसडीएम तीसा के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा गया। इसमें आमरण अनशन को लेकर पूरा ब्यौरा दिया गया। तीसा अस्पताल में इलाज के लिए 47 पंचायतो की डेढ़ लाख आबादी निर्भर है। इस मौके पर ग्रामीण सुधार समिति तीसा बीआर राठौर, रामलीला क्लब तीसा के महासचिव लोकेश ठाकुर और महिला मंडल तीसा के सदस्यों ने समर्थन दिया।

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