होली (चंबा)। होली-न्याग्रां सड़क पर घडोह गांव के पास शुक्रवार को पहाड़ी दरककर जमींदोज हो गई। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। मार्ग चार या पांच दिनों के बाद ही खुल पाएगा। भूस्खलन होने से आधी पहाड़ी दरककर नीचे गिर गई। इससे घडोह गांव के एक दर्जन लोगों की उपजाऊ जमीन भूस्खलन की चपेट में आने से बर्बाद हो गई।
गनीमत यह रही कि भूस्खलन के दौरान कोई भी वाहन सड़क से नहीं गुजर रहा था। अन्यथा जान माल का नुकसान हो सकता था। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि मुआवजा नहीं मिलने तक उपरोक्त मार्ग को खोलने नहीं दिया जाएगा।
प्रभावित लोगों ढोगरू राम, प्रताप चंद, रूपणू, ज्योति, डोंकू, हिम्मत, घलोरा, भुुंखू, जोंफी, अमरनाथ, गगन कुमार व सुरेश ने बताया कि जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ है, वहां पर निजी कंपनी क्रशर के लिए पत्थर निकाल रही है। इससे पहाड़ खोखला हो गया था। इसके बारे में ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को चेताया भी था। लेकिन, प्रशासन कुंभकरणी नींद सोये रहा। इसकी वजह से पहाड़ का आधा हिस्सा नीचे गिर गया। लोगों की उपजाऊ भूमि भूस्खलन में तबाह हो गई। भूस्खलन की सूचना मिलते ही प्रशासन व लोनिवि की टीम मौके पर पहुंच गई। जिन्होंने घटना का जायजा लिया। साथ ही बंद हुए न्याग्रां होली मार्ग को खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी। भारी भूस्खलन होने से 50 मीटर तक सड़क का नामोनिशान नहीं रहा है। सड़क को बहाल करने में करीब चार या पांच दिन लग सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिस निजी कंपनी की वजह से भूस्खलन हुआ है। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
नायब तहसीलदार होली गिरधारी लाल ने बताया कि भूस्खलन से प्रभावित लोगों को जल्द राहत राशि दी जाएगी। सड़क को भी जल्द ही खोल दिया जाएगा।