फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दोपहर तक खाली रही ओपीडी, कताराें में खड़े रहे मरीज

विज्ञापन
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन

चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में शनिवार को दोपहर तब मेडिसिन ओपीडी खाली रही। हैरानी इस बात की है कि दोपहर बारह बजे तक ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। इस वजह से मरीजों को भारी परेेशानी का सामना करना पड़ा। हालत यह थी कि मरीज घंटों कतारों में खड़े होकर इंतजार करते रहे। मगर कई घंटों के बाद भी कोई डॉक्टर वहां पर मरीजों का उपचार करने के लिए नहीं पहुंचा। इस दौरान मेडिसिन विभाग की तीन ओपीडी में से एक ओपीडी चल रही थी। इसमें मरीजों की जांच के लिए एमडी की जगह एमबीबीएस डॉक्टर को बिठाया था। मगर कोई भी एमडी ओपीडी में नहीं आया। इसको लेकर मरीजों में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ काफी रोष देखने को मिला। अस्पताल में दूर दराज के क्षेत्रों से मरीज एमडी से चेकअप करवाने आए थे। उन्हें निराश होकर घरों को लौटना पड़ा। यह अव्यवस्था अस्पताल में लंबे समय से चल रही है। डॉक्टर ओपीडी में समयानुसार बैठते ही नहीं है। जिससे मरीज परेशान होते रहते हैं।

त्रिलोक नाथ ने बताया कि वह सुबह से पर्ची बनाकर ओपीडी के बाहर खड़े होकर एमडी के आने का इंतजार करते रहे। मगर दोपहर तक कोई एमडी डॉक्टर नहीं आया। शुगर की बीमारी ग्रस्त हूं। इसको लेकर एमडी के पास उनका इलाज चल रहा है। दवाइयां को लेकर एमडी से चेकअप करवाना था। मगर दोपहर तक उनका चेकअप नहीं हो पाया।
विज्ञापन


रोशन लाल ने बताया कि वह दो दिनों से अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने एमडी से चेकअप करवाया था। इसकी रिपोर्ट उन्हें देर शाम को मिली। रिपोर्ट को दिखाने वह दोबारा शनिवार को एमडी के पास गए। मगर ओपीडी के बाहर दोपहर तक उन्हें डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर राउंड में व्यस्त रहे।

नोंधा राम ने बताया कि जो मरीज एमडी से चेकअप करवाने को जिले के दूर दराज क्षेत्रों से आए थे। उन्हें दोपहर तक डॉक्टर न मिलने की वजह से बिना चेकअप करवाए लौटना पड़ा। इसकी वजह यह है कि दोपहर के बाद उनके क्षेत्रों को बसें नहीं जाती। मजबूरी में कई मरीजों ने एमबीबीएस डॉक्टरों से ही चेकअप करवा लिया।

दौलत राम ने बताया कि वह शुक्रवार को एमडी डॉक्टर से उन्होंने चेकअप करवाया था। उन्हें कई प्रकार के टेस्ट लिखे गए। इसकी रिपोर्ट दिखाने वह शाम ढाई बजे ओपीडी में गए। मगर उन्हें वहां कोई डॉक्टर नहीं मिला। इसकी वजह से शनिवार को उन्हें दोबारा आना पड़ा। मगर डॉक्टर के ओपीडी में न आने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।
विज्ञापन


दुनी चंद ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के नाम से बड़ी संख्या में मरीज चंबा अस्पताल में पहुंचते हैं। मगर अस्पताल में इस प्रकार की अव्यवस्था की वजह से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसको लेकर सरकार और प्रबंधन को कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें