चंबा। जिले में मक्की कटाई के बाद डेढ़ माह तक खाली रहने वाले खेतों से किसान अब कमाई कर सकेंगे। वन बंधु योजना के तहत चंबा में 15 लाख गोभी व ब्रॉक्ली के पौधे किसानों में वितरित किए जाएंगे। किसानों को गोभी और ब्रॉक्ली की एक हजार पौध (पनीरी) एक सौ रुपये के हिसाब से प्रदान की जाएगी। विकास खंड चंबा के तहत आती 36 पंचायतों में करीबन 800 अनुसूचित जाति से संबंधित किसानों को ये पौध प्रदान की जाएगी। कुल मिला कर मक्की और गेहूं की फसल के मध्य डेढ़ माह तक खाली रहने वाले खेतों में भी अब किसान उमदा कमाई कर अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर सकते हैं।
गौरतलब हो कि जिले की 75 प्रतिशत आबादी वर्तमान समय में भी खेतीबाड़ी कर गुजर बसर करती है। जिले में रोजगार संबंधी अन्य कोई भी विकल्प जैसे उद्योग या कारखाना न होना भी इसका मुख्य कारण है। ऐसे में सरकार की वन बंधु योजना के तहत अनुसूचित जाति संबंधित परिवारों की आर्थिकी को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उदयपुर स्थित नर्सरी में गोभी व ब्रॉक्ली की पौध तैयार की गई है। विभागीय जानकारी अनुसार वन बंधु योजना के तहत 100 रुपये की एक हजार गोभी व ब्रॉक्ली की पनीरी प्रदान की जाएगी। कुल मिला कर 10 रुपये में एक सौ पौधे किसानों को मिलेंगे।
विकास खंड अधिकारी चंबा सुशील शर्मा ने बताया कि वन बंधु योजना के तहत विकास खंड चंबा के अधीन आती 36 पंचायतों के एससी जाति से संबंध रखने वाले 800 किसानों को गोभी और ब्रॉक्ली की पौध प्रदान की जाएगी। किसान गोभी व ब्रॉक्ली की पौध को मक्की की बिजाई के उपंरात डेढ़ माह तक खाली रहने वाले खेतों में उगा कर कमाई कर सकते हैं। उदयपुर स्थित नर्सरी में उगाई गई 15 लाख गोभी और ब्रॉक्ली की पनीरी को किसान 1500 बीघा जमीन में उगा सकते हैं। किसानों को 100 रुपये में एक हजार पौध प्रदान की जाएगी। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किसानों को ये पौध दी जाएगी।