सुरंगानी(चंबा)। विधानसभा चुराह की बणंतर पंचायत के दो गांवों में बिजली बोर्ड प्रबंधन की लापरवाही कभी भी ग्रामीणों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। बिजली बोर्ड प्रबंधन द्वारा क्षेत्र में लापरवाही से काम करते हुए बिजली की एलटी लाइन हरे पेड़ों पर लटकाई गई है। इतना ही नहीं, लंबे समय से बिजली की लाइन का मरम्मत कार्य न करने की सूरत में अक्सर बिजली के तार बीच-बीच में टूटते रहते हैं।
गौरतलब हो कि एक तरफ तो बिजली बोर्ड द्वारा जिले के दूरदराज के गांवों को भी दूधिया रोशनी से जगमगाया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर बिजली बोर्ड कई जगह लापरवाही से काम कर रहा है। ग्राम पंचायत बणंतर के गांव राउंण व लमपट्टी में भी बोर्ड प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। राउंण व लमपट्टी में बिजली के तार पेड़ों पर लटकाने से करंट लगने का खतरा बढ गया है। सूत्र खुलासा करते हैं कि चलेई में लगे ट्रांसफार्मर से इन दोनों गांवों को बिजली की सप्लाई जाती है। यह लाइन काफी पुरानी है और बार-बार टूटती रहती है।
ग्रामीणों में ओम प्रकाश, खेम राज, भीलो राम, प्यार सिंह, चुहडू राम, बर्फी राम आदि का कहना है कि आधा दर्जन से अधिक लकड़ी के खंभे सड़-गल चुके हैं।
बणंतर पंचायत के गांव राउंण व लमपट्टी के अधीन करीब 15 बिजली के मीटर आते हैं। इन लोगों को यहीं से ही बिजली की सप्लाई होती है।
बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता योगेश शर्मा ने बताया कि उन्हें इस बारे कोई भी जानकारी नहीं है। यदि ऐसी बात है तो प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्रमबद्ध तरीके से जिले में बिजली के सड़-गल चुके खंभों को बदलने बदला जाएगा।