चंबा। विधानसभा की ग्रामीण नियोजन समिति की वीरवार को बचत भवन में बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण नियोजन समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह जरयाल ने की। बैठक में ग्रामीण नियोजन समिति के सदस्यों के तौर पर विधायक रामलाल ठाकुर, अर्जुन सिंह और मुल्ख राज ने भी भाग लिया। बैठक के दौरान वन, पशुपालन, उद्योग, खनन समेत ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण जीवनयापन से जुड़े विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई।
विक्रम सिंह जरयाल ने कहा कि विभागीय अधिकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में व्यावहारिकता लाएं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए ताकि लोगों को उनका समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि विभागों को अपनी योजनाओं और स्कीमों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए शिविरों का आयोजन करना होगा।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए ग्राम नियोजन समिति ने वन विभाग से पौधरोपण, अवैध कटान, वन्य प्राणियों के शिकार, चरागाह विकास, फायर लाइनों के रखरखाव, वनों को लगने वाली आग से हुए नुकसान को लेकर ब्यौरा लिया।
वन्य प्राणी मंडल के वन मंडल अधिकारी ने बताया कि इस अवधि में जिले के वन्य प्राणी क्षेत्रों में आग लगने की कोई भी घटना सामने नहीं आई है। वनीकरण को लेकर विभाग ने जानकारी दी कि इस वर्ष जिले में 2 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण करने का लक्ष्य तय किया गया है। आगामी 9 जुलाई से लेकर 11 जुलाई तक एक मुहिम जिले में शुरू की जाएगी। विभाग ने यह भी बताया कि गत 3 वर्षों के दौरान वनीकरण के विभिन्न कार्यक्रमों के तहत करीब 22 करोड़ की राशि चंबा जिला में खर्च की गई।
उद्योग विभाग के प्रबंधक ने समिति को बताया कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत चंबा जिला के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के तहत विभाग को 36 लाभार्थियों को इस योजना के तहत लाने का लक्ष्य दिया गया है। समिति ने विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक तक हर हाल में पहुंचना चाहिए। विभाग अपनी योजनाओं को जनमानस तक पहुंचाने के प्रति भी गंभीर रहे। समिति ने खनन विभाग को भी जिले में अवैध खनन पर नियमित तौर पर निगरानी रखने और नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान पशुपालन विभाग के उप निदेशक ने बताया कि जिले के किसानों को 14 हजार चूजे वितरित किए जा चुके हैं। विभाग किसानों की और मांग को पूरा करने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है। ग्राम नियोजन समिति ने बेसहारा पशुओं को आश्रय दिए जाने को लेकर भी निर्देश दिए। उपायुक्त हरिकेश मीणा ने बताया कि भटियात क्षेत्र में गोशाला की स्थापना को लेकर योजना प्रगति पर है।