5000 आबादी तीन महीनों से प्लांट को चालू कराने के लिए कर रही मांग
चैंबर से बहकर रास्तों और लोगों के खेतों में पहुंच रही सीवरेज की गंदगी
रंजीत शर्मा
भरमौर (चंबा)। बिजली कनेक्शन न लगने से 1782 करोड़ की परियोजना पूर्ण होने पर भी सिरे नहीं चढ़ पा रही है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य तीन महीने पहले पूरा हो चुका है लेकिन जल शक्ति विभाग वहां पर बिजली का कनेक्शन नहीं लगवा पा रहा है। इस प्लांट को चलाने के लिए बिजली लोड पूरा करने के लिए अलग से ढांचा तैयार होगा। इसे तैयार करने में दो लाख रुपये का खर्च होगा। विभाग ने सरकार को धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है लेकिन तीन महीनों में उस प्रस्ताव का अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
गोसन, मलकोथा, बाड़ी, पट्टी और सपेड़का में 5000 आबादी रहती है। इन गांवों में सीवरेज की लाइन को बिछ चुकी हैं लेकिन सीवरेज प्लांट चालू नहीं होने से लोगों को उसका लाभ नहीं मिल रहा। ग्रामीणों में चेत सिंह, रवि कुमार, सूरज, मनोज कुमार, केवल, अक्षय कुमार, प्रहलाद और देसराज ने बताया कि सीवरेज प्लांट चालू न होने से गंदगी चैंबर से बहते हुए रास्तों और खेतों में पहुंच रही है। करोड़ों रुपये यदि प्लांट निर्माण पर खर्च हो सकते हैं तो बिजली कनेक्शन लेने में लाखों रुपये खर्च करने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस प्लांट को शीघ्र चालू करवाया जाए।
जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता विवेक चंदेल ने बताया कि सरकार से दो लाख रुपये का बजट मांगा है, जैसे ही बजट आएगा, उसे बिजली बोर्ड के खाते में जमा करवा दिया जाएगा।
वहीं, विधायक डॉ. जनकराज ने बताया कि यदि सरकार के पास बिजली कनेक्शन लगाने के लिए पैसे नहीं हैं तो वह इस खर्च को उठाने के लिए तैयार हैं लेकिन, उनकी एक ही शर्त है कि इस प्लांट का उद्घाटन कांग्रेस सरकार नहीं, बल्कि वह करेंगे। संवाद