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बर्फ के बीच फंसे युवकों के लिए फरिश्ते बने सेना के जवान

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snow shimla - फोटो : demo pic
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अमर उजाला ब्यूरो

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भरमौर (चंबा)। सियूर और सांह की पहाड़ियों के बीच सावाधार पर फंसे तीनों युवकों को बचाने के लिए सेना के जवान फरिश्ते बनकर पहुंचे। सेना के चॉपरों के माध्यम से युवकों की तलाश में चार घंटे (सुबह साढ़े नौ बजे से लेकर दोपहर डेढ़ बजे) तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इतना ही नहीं चॉपरों की दो उड़ानों के दौरान तीनों युवकों का कोई सुराग नहीं लगने पर सेना के जवानों को स्थानीय गाइड की मदद लेनी पड़ी। स्थानीय गाइड ने सेना के जवानों को युवकों के सही ठिकाने पर होने और सुरक्षित वहां से निकालने में मदद की। भरमौर हेलीपैड पर चॉपर से उतरकर काका राम और अनिल कुमार रिश्तेदारों के गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगे। उन्हें विश्वास ही नहीं हो पा रहा था कि जीने की हर उम्मीद गंवा देने के बाद भी अब वह जीवित और सुरक्षित घर पहुंचे हैं।

भेड़ बकरियों की तलाश में गए थे धार पर
गौरतलब हो कि सियूंर और सांह के बीच रावाधार पर फंसे तीन युवकों अनिल कुमार पुत्र दिलबर राम गांव धुंआ, काका राम पुत्र अमली राम गांव जवैड और लेखराज पुत्र पुरुषोत्तम गांव धुआं ने बताया कि वह भेड़-बकरियों की तलाश में धार पर गए थे। वीरवार को अचानक बर्फबारी और धुंध छा जाने के चलते वह धार पर फंस गए थे। रविवार को रेस्क्यू टीम की वापसी पर बचने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि उनके पास शनिवार तक खाने का कुछ सामान था। मगर रविवार का दिन उन्हें भूखे-प्यासे ही गुजारना पड़ा। सोमवार की सुबह मोबाइल पर सिग्नल आते ही जीने की उम्मीदे खो चुके काका राम, अनिल कुमार और लेखराज ने बारी-बारी दोस्त करनैल से फोन पर बात की। इस दौरान युवकों ने अब जीने की आस ही छोड़ देने तक की बात कही। युवकों की बातें सुन करनैल ने बताया कि उन्हें बचाने के लिए उधमपुर से सेना केे चॉपर पहुंचे हैं और जल्द ही रेस्क्यू अभियान शुरू किया जा रहा है।
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करैनल की बात सुनने के बाद हताश हो चुके युवकों की जान में जान आई। वहीं, सेना के चॉपरों ने धार के इर्द-गिर्द दो चक्कर लगाने के बाद चॉपर भरमौर में वापिस लौट आए। इस दौरान युवकों से बात होने पर उन्हें संदेश दिया कि जिस जगह पर वह हैं वहां पर धुआं करें। इसके बाद स्थानीय गाइड को लेकर दोबारा उड़ान भरी गई। विंग कमांडर अंशुल सक्सेना की अगुवाई में ऑपरेेशन को अंजाम दिया गया। भरमौर हेलीपैड पर पहुंचने के बाद युवकों को स्वास्थ्य जांच के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरमौर लाया गया। थाना प्रभारी नीतिन चौहान ने बताया कि तीनों युवकों से अलग-अलग बयान दर्ज किए जाएंगे। सेना के चॉपर सुबह साढ़े आठ बजे भरमौर स्थित हेलीपैड पहुंच गए। सेना की टीम में पांच पायलट समेत आठ सदस्यों का इस रेस्क्यू अभियान में शामिल रहा। डीएफओ भरमौर सन्नी वर्मा ने आरओ भरमौर को दो दिनों के भीतर इन तीनों युवकों के धार पर जाने के पीछे के सही कारणों बारे रिपोर्ट उन्हें सुपुर्द करने के बारे में निर्देश जारी किए गए हैं।
एडीएम भरमौर पृथीपाल सिंह ने बताया कि सेना के जवानों ने रेस्क्यू कर तीनों युवकों को सुरक्षित धार से निकाल लिया है।

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