चंबा। स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज के दवाइयों के स्टोर में दबिश देकर 15 दवाइयों के सैंपल भरे। इन दवाइयों को जांच के लिए कंडाघाट स्थित विभागीय लैब में भेजा जाएगा। यहां पर दवाइयों की गुणवत्ता की पूरी तरह से जांच पड़ताल की जाएगी।
किसी प्रकार की खामी पाए जाने पर सैंपल फेल भी हो सकते हैं। ऐसा होने पर संबंधित दवा निर्माता कंपनी को विभाग की ओर से नोटिस भेजा जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल में दवाई के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई जा सकती है। अस्पताल के डॉक्टर ओर मरीज काफी समय से सरकारी दवाओं की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें कर रहे हैं।
इसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सरकारी स्टोर में जाकर दवाइयों के सैंपल भरे। दो माह में सरकारी दवाओं के दो सैंपल फेल हो चुके हैं। इसको लेकर भी स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। इसको देखते हुए अस्पताल में आने वाली दवाइयों की नियमित जांच कर रहा है। ताकि दवाइयों के इस्तेमाल से मरीजों की सेहत पर बुरा असर नहीं पड़े। इसके साथ दवाइयों को लेकर डॉक्टरों और मरीजों की भी राय ली जा रही हैं।
अगर डॉक्टर और मरीज किसी दवा की गुणवत्ता पर असंतोष जताते हैं, तो उस दवा को जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजा जा रहा है। अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों को स्मार्ट कार्ड पर अस्पताल से ही मुफ्त दवाइयों दी जाती हैं। मगर दो दवाइयों के सैंपल फेल होने के बाद विभाग मुस्तैद हो गया है। इसको देखते हुए दवाइयों की नई सप्लाई आने पर पहले ही जांच करने के लिए सैंपल भरे जा रहे हैं।
इन दवाओं के भरे गए सैंपल
स्वास्थ्य विभाग ने आंख, नाक, गैस, बीपी, जुकाम, बच्चों का सिरप, दर्द निरोधक, एंटीबायोटिक और इंजेक्शन के सैंपल भरे। इनकी कंडाघाट लेबोरेटरी में जांच की जाएगी। लैब की जांच में ही इन दवाओं की गुणवत्ता का पता चल पाएगा।
मरीजों के स्वास्थ्य से नहीं होने देंगे खिलवाड़ : नरेंद्र ठाकुर
ड्रग इंस्पेक्टर नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि चंबा अस्पताल में सरकारी सप्लाई से 15 दवाइयों के सैंपल भरे गए हैं। इन्हें जांच के लिए कंडाघाट भेजा जाएगा। लैब की रिपोर्ट आने पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। दवाइयों की गुणवत्ता जांच के लिए यह सैंपल भरे गए हैं। ताकि मरीजों की सेहत पर बुरा असर नहीं पड़े।