तीसा (चंबा)। ग्राम पंचायत जुनास में नाले को पार करने के लिए टूटे हुए पेड़ को ही पुल बना लिया है। जो कभी भी उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। दो वर्ष पहले नाले में आई बाढ़ में पैदल पुल बह गया था। जो दोबारा कभी नहीं बन पाया। इसकी वजह से मलवास-एक व दो गांव में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पुल न बनने की वजह से ग्रामीणों ने जंगल से टूटे हुए पेड़ को उठाकर नाले के आरपार रख दिया। पेड़ के ऊपर पत्थर बिछाकर पैदल चलने के लिए ग्रामीणों ने एक पगडंडी भी तैयार कर दी। जिसके ऊपर आवाजाही करते समय कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। आज के दौर में जहां नई तकनीकसे पुलों का निर्माण हो रहा है। वहीं जुनास पंचायत के ग्रामीण दसवीं सदी की तकनीक से नाले में पेड़ का पुल बना रहे हैं। इससे साफ पता चलता है कि चंबा जिला विकास की राह पर कितनी प्रगति पर है।
ग्रामीणों में गुरदित्ता, चमन लाल, लोचू राम, चुहडू राम, देवी चंद, करतार सिंह, किशन लाल ने बताया कि दो वर्ष पहले नाले में बाढ़ आने से पुल बह गया था। इस पुल का दोबारा निर्माण करवाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार ग्राम सभा में भी प्रस्ताव पारित किए। लेकिन आज तक उन प्रस्तावों पर कोई कार्यवाही होती नहीं दिखी। जिसकी वजह से ग्रामीणों ने पुल बनने की आस छोड़ दी। स्कूली बच्चों को जुनास व बैरागढ़ स्कूल जाते समय नाले को पार करना पड़ता है। अभिभावकों को अपने बच्चों की चिंता सताती रहती है। बारिश होने पर नाले का जलस्तर काफी बढ़ जाता है। उस दौरान अभिभावकों को बच्चों के साथ जाकर नाला पार करवाना पड़ता है। समय रहते नाले पर पुल ना बनाया गया तो आने वाले समय में इसके भीषण परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन व खंड विकास अधिकारी से पुल का निर्माण करवाने की मांग की है। पंचायत प्रधान राकेश कुमार ने बताया कि प्रस्ताव तैयार करके खंड विकास कार्यालय में जमा करवा दिया है। बजट स्वीकृत होते ही पैदल पुल का निर्माण करवाया जाएगा।
एसडीएम हेम चंद वर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। जल्द ही स्थिति का पता करके बीडीओ तीसा को निर्देश दिए जाएंगे कि उपरोक्त पंचायत में पुल का निर्माण करने की व्यवस्था की जाए।