भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा को लेकर स्थानीय प्रशासन के अलर्ट के बाद भी श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर मणिमहेश यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। इसको देखते हुए प्रशासन ने अब श्रद्धालुओं को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया है। बुधवार को प्रशासन ने तीन सौ श्रद्धालुओं को रोका है। इससे पहले बुधवार की सुबह मणिमहेश यात्रा के दौरान गुई नाला नामक स्थान पर पालमपुर के युवक बाजू पर पत्थर गिरने से घायल हो गया। इसके बाद युवक को यात्रा बीच में छोड़कर सीविल अस्पताल भरमौर लाया गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने बुधवार को मणिमहेश यात्रा पर निकले 300 श्रद्धालुओं को रोक दिया है। अब मौसम के साफ होने के बाद ही श्रद्घालु मणिमहेश की तरफ कूच कर पाएंगे। इसके अलावा यात्रा पर निकलने वाले श्रद्घालुओं को रोकने के लिए हड़सर के पास पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
तीन सितंबर से शुरू होगी यात्रा
आधिकारिक तौर पर भरमौर प्रशासन कृष्ण अष्टमी से लेकर राधा अष्टमी तक करीब बीस दिनों के लिए मणिमहेश यात्रा की व्यवस्था करता है। जबकि, इसके बाद और इससे पहले भी श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर मणिमहेश यात्रा करते हैं। यात्रा के दौरान हड़सर से लेकर दुुनाली तक साढे़ चार किलोमीटर के हिस्से में मणिमहेश नाला के साथ ही सफर तय करते हैं। बारिश के दौरान नाले का जलस्तर काफी बढ़ जाता है। दूसरी ओर इसी मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरता रहता है। जोकि, किसी भी हादसे का कारण बन सकता है। इसको देखते हुए प्रशासन ने मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को रोकने का फैसला लिया है ताकि किसी भी श्रद्धालु की जान मौसम की वजह से जोखिम में न पड़े।
एडीएम भरमौर पीपी सिंह ने मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वह हड़सर से लेकर डलझील तक साफ मौसम के दौरान यात्रा करें। हड़सर के पास पुलिस बल को तैनात किया गया है। उन्होंने पुलिस बल को निर्देशित किया गया है कि मौसम खराब होने की स्थिति में किसी भी श्रद्धालु को यात्रा पर न जाने दिया जाए।