चंबा। आलू और टमाटर का अधिक उत्पादन करने वाले जिले के तीसा और सलूणी खंड को मौसम आधारित फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है। इस संदर्भ में सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसके मुताबिक योजना के तहत अब इन फसलों का बीमा होगा। फसलों का बीमा कंपनी के माध्यम से होगा। इसमें किसानों को निर्धारित प्रीमियम का भुगतान करना होगा।
नुकसान की स्थिति में किसानों को योजना से कवर मिलेगा। इससे फसलें बर्बाद होने पर किसानों को ज्यादा नुकसान नहीं झेलना पड़ेगा। केंद्र प्रायोजित इस योजना के लिए जिले के तीसा और सलूणी खंड को शामिल किया गया है। चूूंकि, यहां किसान आलू और टमाटर की पैदावार ज्यादा करते हैं। इससे पहले दोनों फसलें को योजना में शामिल नहीं किया गया था। इसके चलते किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
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ऐसे में कई बार मौसम की मार के चलते किसानों को नुकसान झेलना पड़ता था। खासकर तीसा और सलूणी के किसानों को इस योजना से काफी राहत मिलेगी। योजना के तहत किसानों को आलू की पैदावार के लिए बीमा करवाना होगा। इसमें एक हेक्टेयर के लिए 3150 रुपये प्रीमियम निर्धारित किया है। इसके अलावा टमाटर के लिए किसानों एक हेक्टेयर पर पांच हजार रुपये प्रीमियम देना होगा।
कृषि उपनिदेशक चंबा डीसी डोगरा ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत तीसा और खंड सलूणी को शामिल किया गया है। इससे किसानों को नुकसान होने की स्थिति में कवर मिलेगा। उन्होंने बताया कि एक हेक्टेयर आलू के लिए 3150 रुपये प्रीमियम निर्धारित किया है। जबकि टमाटर के लिए किसानों को एक हेक्टेयर पर पांच हजार रुपये प्रीमियम देना होगा।