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बिना पंजीकरण चल रहीं 24 लैब, मरीजों से खिलवाड़

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doctor - फोटो : demo pics
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अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। जिले में दो दर्जन निजी लैबोरेटरी बिना पंजीकरण चल रही हैं। हालत यह है कि रेडक्रॉस सोसाइटी की लैब ेका भी पंजीकृत नहीं है। यही नहीं प्रदेश सरकार के नियमों के मुताबिक बिना पंजीकरण की लैबों को तकनीशियन चला रहे हैं। नियमों के तहत लैब में एमबीबीएस डॉक्टर होना जरूरी है। डॉक्टर की साइन के बाद ही रिपोर्ट मरीज को सौंपी जा सकती है। मगर नियमों की अवहेलना करते हुए तकनीशियन की इन रिपोर्टों पर साइन कर रहे हैं। मगर इसके बावजूद तकनीशियन की रिपोर्ट पर अस्पतालों में मरीजों का उपचार हो रहा है। ऐसे में यह लापरवाही मरीजों की जान को कभी भी आफत में डाल सकती है। जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिले में मात्र दो लैब ही पंजीकृत हैं। बावजूद इसके जिलेभर में 26 के करीब लैब संचालित है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग इन निजी लैबों पर मेहरबानी दिखा रहा है और कार्रवाई करने से बच रहा है। नियमों के तहत मानकों के पूरा न होने पर लैबों को बंद तक किया जा सकता है। मगर विभाग की लापरवाही की वजह से यह लैबें बेरोकटोक चल रही हैं।

जिला प्रशासन के आदेशों की भी अनदेखी
कुछ माह पहले उपायुक्त कार्यालय में हुई आरकेएस की बैठक में भी स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी किए थे कि बिना पंजीकरण और एमबीबीएस डॉक्टरों की चल रही लेबोरेटरी पर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही इन लैबों को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। मगर स्वास्थ्य विभाग ने इसके बावजूद भी नियमों के विपरीत चल रही लैब के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे साफ जाहिर है कि स्वास्थ्य विभाग निजी लैबों में मेहरबान है। चंबा मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीज भी अस्पताल में टेस्ट न होने और सुविधा न होने पर शहर में चल रही इन लैब में टेस्ट करवाते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों के बिना चल रही इन लैबों की वजह से किसी भी मरीज की जान जोखिम में पड़ सकती है। एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती का मकसद लैब रिपोर्ट को मरीज को देने से पहले पूरी तरह से जांच करना है ताकि रिपोर्ट में किसी प्रकार की खामी न रह जाए।
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रेडक्रॉस सोसाइटी की लैब भी नहीं पंजीकृत
शहर में रेडक्रॉस सोसाइटी की सरकारी लैब भी बिना पंजीकरण चल रही है। लैब में अभी तक एमबीबीएस की नियुक्त नहीं की गई है। ऐसे में विभागीय कार्रवाई रेडक्रॉस सोसाइटी पर भी हो सकती है।
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बिना पंजीकरण वाली लैबों को जल्द भेजे जाएंगे नोटिस : डॉ. वाईडी शर्मा
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईडी शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला है। जल्द ही बिना पंजीकरण से चल रही लैबों को नोटिस जारी किए जाएंगे। एमबीबीएस नियुक्त नहीं करने वाली लैबों को बंद भी किया जा सकता है।

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