जनमंच कार्यक्रम में गूंजा तीसा अस्पताल में डॉक्टरों कमी का मुद्दा
तीसा के झज्जाकोठी में कार्यक्रम का आयोजन, कृषि मंत्री ने कहा अगली कैबिनेट बैठक में इन मांगों को रखेंगे
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अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। चुराह विधानसभा क्षेत्र के झज्जाकोठी में रविवार को पांचवां जनमंच कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने की। जनमंच कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने सिविल अस्पताल में चल रही डॉक्टरों और अन्य स्टाफ कमी के बारे में अवगत करवाया। इसके साथ ही उन्हें बताया गया कि इस मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से युवा भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मगर सरकार का कोई भी नुमाइंदा और प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध लेने के लिए नहीं पहुंचा है। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री के तीसा दौरे के दौरान तीसा अस्पताल को अपग्रेड करने समेत अन्य मांगों को पूरा करने की भी बात कही। इसको सुनकर कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं और मांगों का समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही अगली कैबिनेट की बैठक में इन मांगों को रखा जाएगा। इस मौके पर पानी, सड़क, टीडी, स्कूल और भारी बारिश से हुए नुकसान जैसी समस्याएं उठाई गई।
जनमंच के दौरान समाज सेवी विपिन राजपूत ने कृषि मंत्री से चुराह की ज्वलंत मांग सिविल अस्पताल में चिकित्सीय स्टाफ और अन्य पेरामेडिकल के पदों को भरने की मांग को ज्ञापन के माध्यम से रखा। इसके साथ ही बताया कि इन मांगों को लेकर चुराह के युवा तीन दिनों से भूख-हडताल पर बैठे हुए हैं। मगर शासन और प्रशासन पूरी तरह से विमुख है। राजपूत ने कहा कि 30 मई 2018 को बैरागढ़ में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर 100 बिस्तर वाला अस्पताल बनाने की घोषणा की थी। जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जा सके। मगर यहां पर सुधार के बजाए हालात और खराब हो गए हैं। अस्पताल में तैनात दो चिकित्सकों का तबादला कर दिया गया। वर्तमान समय में यहां मात्र एक चिकित्सक है। इसके अलावा बैरागढ़ से शिमला के लिए सरकारी बस सेवा, बघेईगढ़ पंचायत के दुर्गम गांव कुणगा और चरड़ा पंचायत के खंडेर गांव में प्राथमिक पाठशाला और जुनास के मिडल स्कूल को अपग्रेड कर हाई स्कूल करने की घोषणा की गई थी। मगर यह घोषणा भी अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। उन्होंने कृषि मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री से उक्त घोषणाओं को पूरा करने की मांग उठाई। उनकी मांगों को ध्यान से सुनने के बाद कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही अगली केबिनेट की बैठक में इन मांगों को रखा जाएगा। इससे लोगों को उम्मीद बंधी है कि आने वाले दिनों में तीसा क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाएंगी।
घटिया बीज होने पर नुकसान की भरपाई करेगी कंपनी
कृषि मंत्री कहा कि अब यह व्यवस्था की गई है कि अगर घटिया बीज की वजह से किसान की फसल बर्बाद होती है और किसान को नुकसान पहुंचता है तो इसकी भरपाई संबंधित कंपनी करेगी। कृषि मंत्री ने कहा कि कोई भी योजना लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही सकारात्मक तरीके से कार्यान्वित हो सकती है। उन्होंने किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि वह खेती-बाड़ी के नवीनतम उपकरणों की ओर अपना रुझान करें। उन्होंने बताया कि पावर टिलर पर 85 हजार की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत भूमि की सीमा को भी खत्म कर दिया है। 2022 तक किसानों की आय को दोगुना तभी किया जा सकेगा अगर किसान नई सोच के साथ कृषि करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कमजोर वर्गों के उत्थान के प्रति भी पूरी तरह से वचनबद्ध है।
25 इंतकाल छह लोगों को विकलांगता प्रमाणपत्र किए जारी
जनमंच में 25 इंतकाल मौके पर दर्ज हुए। 40 लोगों ने आधार रजिस्ट्रेशन करवाई। इसके अलावा 11 विभिन्न प्रमाण पत्र राजस्व विभाग ने जारी किए। इसके साथ ही मेडिकल बोर्ड ने 6 लोगों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए। स्वास्थ्य और आयुर्वेद विभागों के मेडिकल शिविरों में 251 लोगों ने स्वास्थ्य जांच करवाई। हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत 22 महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत भी लाभार्थियों को मकान की चाबियां भी वितरित की। इससे पूर्व उपायुक्त हरिकेश मीणा ने कृषि मंत्री का स्वागत करते हुए बताया कि सेचुरेशन स्कीमों के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किए गए हैं। गृहिणी सुविधा योजना के तहत 165 रसोई गैस के कनेक्शन दिए गए। 282 किसान क्रेडिट कार्ड भी इस अवधि में तैयार किए गए। 55 लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिया गया। बेटी है अनमोल योजना के तहत 141 को लाभान्वित किया गया जबकि डिजिटल राशन कार्ड स्कीम के तहत 3932 कार्ड तैयार हुए।