सभी वार्डों में हाइड्रेंट सिस्टम से मजबूत होगी शताब्दी पुराने शहर की सुरक्षा
11 वार्डों में बिछेंगे 12 किलोमीटर पानी के पाइप, तीन नए टैंकों का होगा निर्माण
आग लगने पर तुरंत शुरू किया जा सकेगा बचाव कार्य, लोगों को मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। 100 वर्ष पुराने शहर को अब हाइड्रेंट प्रणाली विकसित कर आग से महफूज किया जाएगा। इसका कार्य शुरू हो चुका है। शहर के 11 वार्डों में 12 किलोमीटर पानी का पाइप बिछाया जाएगा।
विभिन्न जगह 126 नए हाईड्रेंट लगाए जाएंगे। शहर की तंग गलियों में फायर ब्रिगेड के वाहन नहीं जा सकते। ऐसे में हाइड्रेंट प्रणाली से तुरंत आग को बुझाया जा सकता है। जिस मोहल्ले में आग की घटना सामने आएगी, वहां लगे हाइड्रेंट से पानी के पाइप को जोड़कर आग को बुझाया जाएगा।
शहर में फायर फाइटिंग हाईड्रेंट सिस्टम को विकसित करने पर छह करोड़ की अनुमानित धनराशि खर्च की जा रही है। हाईड्रेंट के लिए पानी की व्यवस्था भी अलग रहेगी। पेयजल लाइनों के पानी से उनका कोई लेना-देना नहीं होगा। तीन पानी के भंडारण टैंक बनाए जाएंगे। एक टैंक ढाई लाख लीटर और दो टैंक डेढ़-डेढ़ लाख लीटर की क्षमता वाले होंगे। एक साल में यह कार्य पूरा हो जाएगा। इसके लिए संबंधित ठेकेदार को विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं। शहर के कुछ वार्ड पहले भी हाइड्रेंट से जुड़े थे लेकिन सबसे अधिक जनसंख्या वाले हरदासपुरा, सुल्तानपुर, धड़ोग, कसाकड़ा और चौगान वार्ड पहली बार हाइड्रेंट प्रणाली से जुड़ेंगे।
शहर की 30,000 आबादी को होगा लाभ
शहर की 30,000 आबादी को इस प्रणाली से लाभ होगा। किरायेदारों को भी लाभ मिलेगा। आग की घटना होने पर बचाव कार्य शीघ्र शुरू होगा। शहर के ज्यादातर लोगों ने अपने घरों में किरायेदार भी रखे हैं। ऐसे में यह योजना ज्यादा लोगों को सुरक्षा प्रदान करेगी।
इस परियोजना का शिलान्यास उपमुख्यमंत्री ने किया था। कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। गुणवत्ता की जांच करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है। एक साल में यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। - जितेंद्र शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग