डलहौजी (चंबा)। ग्राम पंचायत शेरपुर को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए रावी नदी पर बने शेरपुर पुल से आवाजाही बंद होने से पंचायत के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई महीनों से बंद पड़े पुल पर वाहनों की आवाजाही भी नहीं हो पा रही है। बावजूद इसके प्रशासन ने अभी तक पुल को बहाल करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया है। वैकल्पिक मार्ग पर ही सड़क निर्माण कार्य होने से यह समस्या और भी उग्र बनी हुई है।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत शेरपुर को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला शेरपुर पुल असुरक्षित होने से बंद कर दिया गया है।
परेल पुल के टूटने के बाद जिला प्रशासन ने शेरपुर पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद करवा दी थी। मगर असुरक्षित शेरपुर पुल की अभी तक न तो मरम्मत करवाकर ठीक करवाया गया है और न ही इस पर वाहनों की आवाजाही बहाल हो पाई है। इससे शेरपुर पंचायत के दर्जनों गांवों की तीन हजार की आबादी को परेशानियां उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों की परेशानियों उस समय अधिक बढ़ जाती है, जब पंचायत को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग (शेरपुर से चौहड़ा मार्ग) के निर्माण कार्य के चलते यातायात अवरुद्ध हो जाता है। लोगों की मानें तो वैकल्पिक सड़क को निर्माण कार्य आए दिन बाधित रहता है। इससे लोगों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण कमलजीत सिंह दुनेरिया, बालकृष्ण शर्मा, मदन दुनेरिया, किशन सिंह, सुंदर, सुरेंद्र, बलदेव और उमेश ने जिला प्रशासन से मांग की कि शेरपुर पुल का जीर्णोद्धार करवाकर जल्द इसे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल करवाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि शेरपुर पुल की या तो मरम्मत करवाई जाए या फिर इसकी जगह पर नए पुल का निर्माण करवाया जाए। शेरपुर पंचायत को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए बनाए गए शेरपुर पुल के बंद होने से पंचायत के गांव पंडोलू, टप्पर, शेरपुर, सिमणी, गदयाण, जंदरेड़ा और खजूरा के बाशिंदों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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लोनिवि के अधिशासी अभियंता डलहौजी सुधीर मित्तल ने बताया कि जिलाधीश चंबा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पुल निर्माण जल्द आरंभ करने बारे में निर्देश दिए है। विभाग पुल मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर जिलाधीश कार्यालय भेजा गया था। इसे प्रशासन की स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही पुल की मरम्मत संबंधी कार्य आरंभ करवा दिया जाएगा।