मंगला (चंबा)। ग्राम पंचायत मंगला के 12 गांव 22 घंटों से अंधेरे में डूबे हुए हैं। वीरवार शाम पांच बजे जोरदार धमाके से उखल मोहल्ले में स्थापित सौ केवी ट्रांसफार्मर जल गया। ट्रांसफार्मर जलने के बाद से गांव में सप्लाई बंद पड़ गई। ग्रामीणों को वीरवार की रात भी अंधेरे में ठिठुरते हुए गुजारनी पड़ी। बिजली की सप्लाई सुचारु न होने पर ग्रामीणों में बोर्ड प्रबंधन के प्रति रोष उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने बोर्ड प्रबंधन को सप्लाई जल्द सुचारु न करने पर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करने से भी गुरेज न करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्दियां आते ही गांव में बिजली की आंखमिचौनी का क्रम जारी हो जाता है। अभी तक विद्युत बोर्ड प्रबंधन समस्या का स्थायी समाधान नहीं करवा पाया है।
बिल चुकाने के बावजूद समस्या : अभिषेक
अभिषेक कुमार ने कहा कि बिजली बिलों की अदायगी करने के बाद भी बिजली व्यवस्था को सुचारु करवाने में बोर्ड प्रबंधन नाकाम साबित हो रहा है। मंगला पंचायत के टिकरू, उखण, देहरा, हाड्डा, कुडणी, वासा, निचला देहरा आदि में बिजली बंद है।
अक्सर सर्दियों में होती है समस्या : राकेश
टिकरू वार्ड पंच राकेश चोपड़ा ने कहा कि उनकी पंचायत में सर्दियों में बिजली गुल हो जाती है। वीरवार शाम से बिजली बंद पड़ी है, जिसे अभी तक बहाल नहीं किया जा सका है। खराब ट्रांसफार्मर की जगह अधिक क्षमता की ट्रांसफार्मर स्थापित करवाना चाहिए।
370 उपभोक्ताओं को समस्या : नरेंद्र
नरेंद्र शर्मा ने कहा कि मंगला में बिजली न होने से 370 उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। बिजली बिलों की अदायगी एक माह उपभोक्ता देरी से करते हैं तो उन्हें पेनल्टी डाल दी जाती है लेकिन, 22 घंटों से बिजली बंद पड़ी हुई है, जिसे बहाल नहीं किया गया है।
समस्या का स्थायी हल निकाला जाए : महिंद्र
ढोली वार्ड पंच महिंद्र सिंह ने कहा कि बोर्ड प्रबंधन को समस्या को हल करवाने के लिए उचित प्रयास करने चाहिए। सर्दियों में अक्सर बिजली बंद रहने की समस्या रहती है। लेकिन, आज तक बोर्ड इसका स्थायी हल नहीं निकाल पाया, जो चिंता का विषय है।
विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता अजय कुमार ने कहा कि ट्रांसफार्मर की मरम्मत करवाई जा रही है। शुक्रवार शाम तक बिजली लाइन सुचारु करवा दी जाएगी।