भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का जिम्मा मात्र छह डॉक्टरों के कंधों पर है। डॉक्टरों के 12 पद पिछले कई साल से खाली पड़े हैं। इसकी वजह से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा रही हैं। भरमौर की 31 पंचायतों में रहने लाली 70,000 आबादी डॉक्टरों की कमी से परेशान हैं। जिन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही है। इस कारण उन्हें 60 किलोमीटर दूर चंबा की दौड़ लगानी पड़ रही है।
जनजातीय क्षेत्र भरमौर में एक नागरिक अस्पताल, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 19 स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं। उपमंडल के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों के 11 पद स्वीकृत हैं। इसमें छह पद खाली पड़े हैं। हाल ही में दो अन्य डॉक्टर इस अस्पताल से पीजी करने के लिए जा चुके हैं। ऐसे में इस अस्पताल में आने वाले मरीजों के इलाज का जिम्मा मात्र दो डॉक्टरों के भरोसे हो गया है। समय रहते सरकार ने इन खाली पदों को नहीं भरा तो आने वाले समय में विभाग के लिए इन संस्थानों को चलाना मुश्किल हो जाएगा। यही हाल होली, गरोला और मांदा स्वास्थ्य केंद्रों का है। जहां पर स्वीकृत पदों के मुताबिक डॉक्टर ही मौजूद नहीं है। समय पर सही इलाज न मिलने से मरीज दम तोड़ रहे हैं।
भरमौर में खाली चल रहे डॉक्टरों के पदों को भरने के लिए सरकार से कई बार गुहार लगा चुके हैं। विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया। इसके बाद भी सरकार रिक्त पदों को नहीं भर रही है।
डाॅ. जनक राज, विधायक, भरमौर विस क्षेत्र
डॉक्टरों खाली पदों के बारे उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। जल्द लोगों को राहत दिलाई जाएगी।
डाॅ. नलिन मिन्हास, कार्यवाहक खंड चिकित्सा अधिकारी, भरमौर