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सौगात बनकर आसमान से बरसी चांदी, बागवान-किसान गदगद

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snowfall shimla - फोटो : demo pic
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अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। जिले में लंबे समय से चल रहे सूखे से मंगलवार को मौसम की अचानक बदली करवट ने निजात दिला दी। आसमान से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ चांदी की तरह सौगात बनकर बरसी। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी सेब, नाशपाती सहित अन्य फलदार पौधों के लिए संजीवनी साबित होगी तो वहीं निचले क्षेत्रों में हुई बारिश से गेहूं की फसल को भी सूखे की चपेट में आने से राहत मिलेगी। जिले के कई हिस्सों में निचले क्षेत्रों में मंगलवार दोपहर बाद बारिश हुई तो वहीं भरमौर, डलहौजी, खज्जियार, सलूणी चौरासी परिसर, समूचे होली क्षेत्र और तीसा की चोटियों में हिमपात देर रात तक जारी रहा। हिमपात से ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। इससे लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे बागवानों ने राहत की सांस ली है। बागवानी विशेषज्ञों की मानें तो बर्फबारी सेब सहित अन्य फसलों के लिए वरदान साबित होती। इससे बेहतर फसल होने की उम्मीद जता रही है। वहीं बर्फबारी होने से पर्यटन नगरी डलहौजी और पर्यटन स्थल खज्जियार के दुकानदारों और होटल व्यवसायिओं के लिए आने वाले दिनों में पर्यटन कारोबार बढ़ने की उम्मीद जाग गई है। पर्यटन स्थलों में बर्फबारी होने से आने वाले दिनों में सैलानियों की आमद बढ़ेगी। जबकि पिछले कई दिनों से डलहौजी, खज्जियार सहित अन्य पर्यटन स्थल सूने पड़े थे। किसान-बागवान योगराज, प्रमोद कुमार, होशियारा राम, किशन चंद, नेक सिंह, दिलीप कुमार, प्रभिया राम, मोहम्मद याकूब, जान मोहम्मद, शाह मोहम्मद और शफी मोहम्मद का कहना है कि बारिश और बर्फबारी खेतों में बिजी गई गेंहू, आलू और मटर की फसल के लिए संजीवनी से कम है। आगामी दिनों में भी बारिश होती रही तो गेंहू, आलू और मटर की अच्छी पैदावार होगी। इससे किसानों को काफी लाभ मिलेगा। बागवानों की मानें तो बारिश और बर्फबारी फलदार पौधों के लिए किसी औषधि से कम नहीं है। इससे सेब की फसल के लिए जरूरी चिलिंग ऑवर पूरे होंगे, साथ ही फलदार पेड़ों को लगने वाली कई प्रकार की बीमारियां भी दूर होंगी।
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होटल व्यवसायिओं और दुकानदारों में रमन कुमार, विनय कुमार, योगराज, प्रताप चंद, अमन महेंद्रू का कहना है कि पर्यटन नगरी डलहौजी, खज्जियार में इस मर्तबा नव वर्ष के मौके पर भी अधिक पर्यटक नहीं पहुंचे थे। इसका मुख्य कारण क्षेत्र में बर्फबारी का न होना ही था। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से पर्यटक डलहौजी, खज्जियार, डैनकुंड में बर्फबारी को देखने और चहलकदमी करने के लिए आते हैं। ऐसे में इस मर्तबा क्रिसमस और नववर्ष के मौके पर बर्फबारी न होने से उन्हें घाटा उठाना पड़ा है। ऐसे में अब मंगलवार को जिले के पर्यटन नगरी डलहौजी, खज्जियार, डैन कुंड में बर्फबारी होने से क्षेत्र में पर्यटकों की आमद अधिक होने की उम्मीद उनमें जगी है। उद्यान विभाग के उपनिदेशक केएल शर्मा ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी बागवानों के लिए लाभप्रद साबित होगी। उन्होंने कहा कि बर्फबारी होने से फलदार पेड़ों में लगने वाली कई बीमारियों का खुद ही समाप्त हो जाएगी। साथ ही इससे आगामी समय में फलदार पेड़ों पर अच्छे फल लगने की भी उम्मीद बढ़ गई है।

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