चंबा बस स्टैंड पर बसों की जानकारी जुटाते यात्री। संवाद
चंबा। मंडी जिले में सरकार के तीन साल पूरे होने के चलते वीरवार को आयोजित सम्मेलन के लिए एचआरटीसी चंबा डिपो से 10 बसें भेजी गईं। इसके कारण बुधवार को 10 से अधिक लोकल रूटों पर बस सेवा ठप हो गई और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हुई। यात्री बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन बस सुविधा नहीं मिली। दूरदराज के इलाकों के लिए यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हुई।
स्थानीय यात्रियों ने बताया कि चंबा बस स्टैंड पर चंबा-सलूणी, बैरागढ़, मंगलेरा और अन्य रूटों की बसें नहीं भेजी गईं। बुधवार को बस स्टैंड पर पहुंचने पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और कई लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। वहीं, बताया जा रहा है कि बुधवार की तरह वीरवार को भी कुछ लोकल रूट ठप रह सकते हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
यात्री ज्ञान चंद, धीरज कुमार, शमशेर सिंह, धर्म सिंह, योगेश कुमार, दलीप कुमार और राज कुमार ने कहा कि रैली के दौरान पर्याप्त बस व्यवस्था न होने से उनकी यात्रा बाधित हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सम्मेलन के लिए बसें भेजीं जा रही थीं तो उनकी जगह लोकल रूटों पर अन्य बसें क्यों नहीं लगाईं, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
यात्रियों ने यह भी बताया कि पहले से ही चंबा में कई खटारा बसें रूटों पर चल रही हैं। रूट बंद होने के कारण उनकी यात्रा और भी मुश्किल हो गई, क्योंकि कई जगहों पर निजी बसें भी उपलब्ध नहीं हैं।
उधर, एचआरटीसी चंबा के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि सम्मेलन में भेजी गईं बसों की जगह और अन्य बसें उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।