कुल्लू से आनी जा रही एक निजी बस के ब्यास नदी में गिरने से करीब 40 लोगों के मरने की आशंका है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद अब तक नदी से 30 शवों को निकाला जा चुका है।
हादसे में घायल हुए 17 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि इनमें से कई गंभीर हालत में हैं।
नदी किनारे राफ्टिंग कर रहे दल ने 14 लोगों को बचा लिया। हादसे का शिकार हु़ई 42 बस में पचास से ज्यादा यात्री बताए रहे हैं।
हादसा कुल्लू जिला के साथ लगते मंडी के झीड़ी में जोगणी माता मंदिर के पास हुआ। अखाड़ा बाजार कुल्लू की अशोका बस सर्विस की यह बस कुल्लू से आनी दोपहर बाद रवाना हुई और साढे तीन से चार बजे के बीच हादसे का शिकार हो गई।
बस 42 सीटर थी और यह ओवरलोड भी बताई जा रही है। हालांकि घायलों की हालत अब भी बयान देने लायक नहीं है। बस गिरते देख कर नदी किनारे राफ्टिंग करवाने वाले लोगों ने सबसे पहले बचाव कार्य शुरू किया। बस को निकालने के लिए एनएचपीसी से क्रेन मंगवाई गई।
पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अफसर भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे गए, लेकिन सड़क से बस के केवल टायर ही दिख रहे थे।
एसपी मंडी आरएस नेगी ने घटनास्थल से पुष्टि की कि शाम छह बजे तक 30 शव निकाले जा चुके थे। एसपी कुल्लू विनोद धवन भी मौके पर हैं। एक शव को छोड़ अभी शेष की शिनाख्त भी नहीं हो पाई है।
बस हादसे में घायल लोग
बस हादसे के घायलों में बरेली निवासी धीरज (25), खोखण जिला कुल्लू निवासी नाथू राम (50), बंजार निवासी ध्यान सिंह (40), आनी निवासी ज्ञान ठाकुर (41), भुंतर निवासी रेशमा (17), लता देवी (30), आनी निवासी हरीश (22), बंजार निवासी टिकम राम (66), कलवी राम (40), बंजार निवासी पुष्पेंद्र (23), कुंज लाल (19), गुटकर निवासी पवन (20), नाऊ निवासी तेज प्रकाश (49), बजौरा निवासी बिशन दास (51) और कांगड़ा निवासी दलीप सिंह शामिल हैं।
मेजिस्ट्रीयल जांच के आदेश
अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन अजय मित्तल ने बताया कि हादसा दुखद है। परिवहन मंत्री जीएस बाली से मिले निर्देशों के अनुसार हादसे की मेजिस्ट्रीयल जांच होगी। यह एसडीएम कुल्लू करेंगे। लेकिन इस वक्त हमारी प्राथमिकता राहत एवं बचाव कार्य समय पर पूरा करने की है।