हिमाचल सरकार अब 4 हजार के बजाए 10 हजार मेधावी स्कूली छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देगी।
लैपटॉप वितरण संबंधी कांग्रेस घोषणा पत्र की राजीव गांधी डिजीटल स्टूडेंट योजना को इसी साल से लागू किया जा रहा है।
स्कीम के तहत 10वीं और 12वीं कक्षाओं के टॉपर्स में से 10 हजार छात्र-छात्राएं चुने जाएंगे। केवल बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्स ही इसमें आएंगे।
सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग को इस स्कीम पर काम करने का इशारा किया है।
उच्च शिक्षा विभाग की आईटी शाखा ने राज्य सरकार की मंजूरी के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है।
इसमें सरकार से पूछा गया है कि योजना को किस तरह से लागू करना है? 10वीं और 12वीं से कितने मेधावी छात्र इसमें लिए जाने हैं? लैपटॉप किस कीमत या कान्फीगरेशन का होगा? आदि।
महकमे के सूत्र कहते हैं कि कितने छात्रों को इस साल इसमें शामिल किया जाएगा, यह भी सरकार से पूछा गया है।
हालांकि कांग्रेस घोषणा पत्र में 10 हजार मेधावियों को इसमें शामिल करने का वादा किया गया है। अब मुख्य सचिव, वित्त सचिव और शिक्षा सचिव के स्तर पर होने वाली बैठक में इस पर अंतिम फैसला होगा।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. दिनकर बुराथोकी ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार लैपटाप स्कीम का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हालांकि अंतिम फैसला होने के बाद ही सारी स्कीम स्पष्ट हो पाएगी।
4000 को मिले थे नेटबुक
पूर्व भाजपा सरकार ने स्कूल शिक्षा बोर्ड के 4000 मेधावी बच्चों को नेटबुक बांटे थे। इसके लिए जिला स्तर पर बाकायदा कार्यक्रम आयोजित हुए थे।
कहां से आएंगे 20 करोड़
पूर्व सरकार की तर्ज पर यदि इस बार भी नेटबुक देना हो तो 10 हजार छात्रों पर खर्चा करीब 20 करोड़ आएगा।
इस साल के बजट में यह प्रावधान नहीं किया गया है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी कहते हैं कि केंद्र सरकार की योजना के तहत धन का इंतजाम होगा।