हिमाचल प्रदेश के शिमला से चौपाल के पहलोग जा रही एचआरटीसी की एक बस नकौड़ा के पास गहरी खाई में गिर गई।
मंगलवार को हुए इस हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 36 लोग घायल हो गए हैं। इनमें से गंभीर रूप से घायल 19 लोगों को आईजीएमसी शिमला रैफर कर दिया गया है।
एचआरटीसी की एक बस नंबर एचपी 66-1923 शिमला से पहलोग जा रही थी। मंगलवार शाम करीब चार बजे जैसे ही बस चौपाल-नेरवा मार्ग पर नकौडा के पास पहुंची अनियंत्रित हो कर 200 फुट गहरी खाई में गिर गई।
बस में करीब 60 लोग सवार थे। हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग 40 लोग घायल हो गए। इनमें से 19 लोगों की हालत गंभीर है। इस हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग घटना स्थल पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों के सहयोग से पुलिस और प्रशासन ने घायलों को बस से निकालकर नेरवा व चौपाल अस्पताल में पहुंचाया। देर शाम तक राहत कार्य चलता रहा। हादसे की खबर लगते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए थे।
शिमला में परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक आरएन बत्ता ने कहा कि अभी तक आई सूचना के मुताबिक सात लोगों की मृत्यु हुई है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बताया कि मृतकों के आश्रितों को एक-एक लाख रुपए बतौर राहत देने के निर्देश दे दिए गए हैं।
हादसे के कारणों की मेजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए गए हैं। उधर, चौपाल के एसडीएम कृष्णचंद ने बताया कि मृतकों के परिजनों को फौरी राहत के तौर पर 10-10 हजार, जबकि घायलों को पांच-पांच हजार रुपये दे दिए हैं।
बस हादसे पर राज्यपाल उर्मिला सिंह और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शोक जताया है।
हादसे में मारे गए लोग
भगत राम निवासी बटेवड़ी, फुलमा देवी निवासी कांदल, इंदिरा देवी निवासी बेरग, बलबीर निवासी उतराखंड, रणजीत निवासी बिहार, मनमोहन निवासी रूसला, जालम सिंह अहलोग, सुभाष सांख्यान निवासी बिलासपुर।