भांग की खेती पर भी सरकार को घेरा
जयराम ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी, पेंशनर, एचआरटीसी और एचपीटीडीसी कर्मी अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सरकार खुद को कर्मचारी हितैषी बताती है, लेकिन हकीकत यह है कि विभिन्न वर्गों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा लॉटरी, बेरोजगारी और कर्मचारियों के मुद्दों को सदन के भीतर और बाहर मजबूती से उठाती रहेगी। जयराम ठाकुर ने भांग की खेती के मुद्दे पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार भांग की खेती को लेकर बयान दे रही है, लेकिन इसके आर्थिक लाभ, नीति और कार्ययोजना पर कोई स्पष्ट तस्वीर पेश नहीं कर पा रही। उन्होंने कहा कि अध्ययन के लिए बनाई गई समिति ने खेती को वैध बनाने की कोई सीधी सिफारिश नहीं की थी, फिर भी सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है।
रोजगार के वादों पर उठाए सवाल
भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकार के रोजगार संबंधी वादों को भी याद दिलाया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने पहली कैबिनेट में एक लाख नौकरियां देने और पांच वर्षों में पांच लाख रोजगार सृजित करने का दावा किया था, लेकिन आज प्रदेश का युवा रोजगार की राह देख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के समय जहां सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 1.90 लाख थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 1.72 लाख रह गई है।
मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में हृदय रोग की प्रमुख जांचें बंद
जयराम ठाकुर ने कहा कि अटल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल चमियाना में ईको कार्डियोग्राफी समेत हृदय रोग से संबंधित प्रमुख जांचें बंद होना प्रदेश सरकार के व्यवस्था परिवर्तन के दावों की पोल खोलता है। अस्पताल में हृदय रोग की जांच करने वाले इकलौते स्टाफ को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज भेजकर सरकार ने अपनी व्यवस्था परिवर्तन की नाकामी और विवेकहीनता का परिचय दिया है।