भल्लू बस हादसे को लेकर बिलासपुर में पत्रकार वार्ता करते झंडूता क्षेत्र के युवा। संवाद
अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, लगाए लापरवाही के आरोप
बोले, जांच कमेटी ने उचित कार्रवाई नहीं की तो करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भल्लू बस हादसे को लेकर अब लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा है। इसी कड़ी में झंडूता क्षेत्र के युवाओं ने शुक्रवार को अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें हादसे की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई करने का मांग उठाई। युवाओं ने इसमें विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि 7 अक्तूबर की शाम को भल्लू में हुए हादसे में 16 लोगों की मौत हुई और दो बच्चे घायल हुए। सामाजिक कार्यकर्ता देवांश चंदेल ने कहा कि यह घटना किसी प्राकृतिक आपदा का नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही का परिणाम है। स्थानीय लोग पिछले डेढ़ साल से मौखिक रूप से संबंधित विभाग को बता रहे थे कि इस क्षेत्र की पहाड़ी संवेदनशील है, लेकिन न तो रिटेनिंग वॉल बनाई गई, न चेतावनी बोर्ड लगाए गए। देवांश चंदेल ने कहा कि लोक निमार्ण विभाग के अधिकारियों का कार्यालय घटना स्थल से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है, इसके बावजूद संवेदनशील पहाड़ी की अनदेखी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद भी प्रशासन लोगों को गुमराह कर रहा है और अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को चाहिए था कि इस स्थान पर समय रहते उचित कदम उठाए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बाद युवाओं ने पत्रकार वार्ता की और मांग उठाई कि घटना की उच्चस्तरीय जांच हो। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। जिले में संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान कर, वहां सुरक्षा के उचित कदम उठाए जाएं। संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड व सुरक्षा दीवारें बनाई जाएं। झंडूता-मांडवा पुल और सुन्हाणी-घुमारवीं सड़क पर सुरक्षा के ठोस कदम उठाए जाएं। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि एक सप्ताह में कोई उचित कदम नहीं उठाया तो क्षेत्र के लोग आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी। देवांश ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इस मौके पर सूरज, घनश्याम और प्रिंस सहित अन्य मौजूद रहे।