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शहर में मजाक बन गई येलो लाइन

Sat, 16 Jan 2016 10:49 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
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शहर की सड़कों और गलियों में आम जनता की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने दुकानों के आगे येलो लाइनें लगाई है। येलो लाइन के आगे दुकानदारों को सामान नहीं रखने की हिदायत भी दी गई है।
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लेकिन, प्रशासन के यह आदेश मजाक बनकर रह गए हैं। येलो लाइनें लगाने के बाद न तो प्रशासन ने कोई कार्रवाई की और न ही नगर परिषद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रहा है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा लगाई गई येलो लाइनें भी सही तरीके से नहीं लगाई गई है। 

बिलासपुर की सड़कों और गलियों पर दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। विभिन्न बाजारों में दुकानदार दुकानों से आगे सामान खिसकाकर लगा रहे हैं। इससे पैदल चलने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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इस पर गलियों मेें हवा में बातें करते हुए निकलने वाले दोपहिया वाहन चालकों से दुर्घटना का खतरा हर वक्त बना रहता है। प्रशासन ने कुछ महीने पहले उपायुक्त के आदेशों पर बाजारों में दुकानों के आगे येलो लाइनें लगाई थी। इसके साथ ही दुकानों के आगे सामान नहीं रखने की हिदायत भी दी गई है।

हालांकि, इस दौरान कुछ समय के लिए तो व्यवस्था बनी रही। लेकिन, इसके बाद हालात जस के तस हो गए हैं। उधर, दूसरा पहलू यह भी है कि प्रशासन द्वारा लगवाई गई येलो लाइन भी सही तरीके से नहीं लगाई गई है।

कई स्थानों पर येलो लाइन बिल्कुल दुकानों के शटर के साथ लगाई गई है। इससे आगे दुकानों का छज्जा आता है और फिर निकास नाली। ऐसे में लोगों का कहना है कि येलो प्रशासन को येलो लाइनें भी सही तरीके से लगानी चाहिए। ताकि किसी को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कन्हैया राम ने बताया कि समय-समय पर दुकानदार येलो लाइन के आगे सामान तो नहीं लगा रहे, इसकी समय-समय पर चेकिंग की जाती है। फिर भी यदि कहीं पर सामान येलो लाइन की हद पार कर लगाया जा रहा है तो चेकिंग की जाएगी और ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
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