- घुमारवीं के बजौहा वार्ड में प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के सौजन्य से घुमारवीं शहर के बजौहा वार्ड में प्रज्ञा पुराण कथा और 11 कुंडीय गायत्री महायज्ञ चल रहा है। इसके तीसरे दिन को सैकड़ों की संख्या में भक्तजनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली के प्रमुख शशिकांत सिंह ने कहा कि प्रज्ञा पुराण कथा जीवन जीने की कला है। यह अन्य कथाओं से अलग हट कर जीवन जीने का तरीका बताती है। इससे पहले प्रात: कालीन सत्र में 11 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ किया। सुबह से दोपहर तक चले यज्ञ में देव पूजन, युग संगीत के साथ वैदिक रीति से आहुतियां दी गईं। इस दौरान शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली ने यज्ञ का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि मनुष्य को कुमार्ग से बचाकर सन्मार्ग पर लाने और विश्वव्यापी अशुभ को रोकने का एकमात्र सहारा गायत्री महायज्ञ ही है। आज की परिस्थितियों में गायत्री यज्ञ से बढ़कर अधिक उपयुक्त, अचूक एवं रामबाण और कोई धर्मानुष्ठान नहीं है। इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में श्याम लाल धर्माणी, उनके परिजनों के अलावा गायत्री परिवार से जुड़े देशराज शर्मा, राजकुमारी, संतोष भारद्वाज, रवेल सिंह राणा, मीरा देवी आदि उपस्थित रहे।