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Bilaspur News: दधोल में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को बिजली से जोड़ने का काम पूरा

Wed, 12 Nov 2025 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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उपतहसील भराड़ी के तहत दधोल कस्बे के समीप हाईवे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को बिजली क
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15 से होगा ट्रायल शुरू, नियम तोड़े तो सीधे घर पहुंचेगा चालान
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बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, ट्रिपल राइडिंग वालों पर होगी नजर
तकनीक से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात अनुशासन में होगा सुधार

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। शिमला–मटौर नेशनल हाईवे पर यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। उपतहसील भराड़ी के तहत दधोल कस्बे के समीप हाईवे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत सात अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। बुधवार को इन कैमरों को बिजली से जोड़ने का कार्य पूरा कर लिया गया है।
अब 15 नवंबर से इनका ट्रायल शुरू होगा। ट्रायल के दौरान कैमरों की मॉनिटरिंग भराड़ी थाना से की जाएगी। इन कैमरों के शुरू होते ही यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ऑनलाइन कार्रवाई होगी। चालान सीधे वाहन मालिक के मोबाइल नंबर, ई-मेल और पते पर पहुंच जाएगा। अब बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, ट्रिपल राइडिंग या मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों को मौके पर नहीं रोका जाएगा, बल्कि कैमरे की नजर में आने के बाद स्वतः चालान तैयार होकर संबंधित व्यक्ति तक पहुंच जाएगा। पुलिस विभाग का मानना है कि इस तकनीक से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात अनुशासन में सुधार होगा। अभी तक हाईवे पर रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, जिनमें से कई चालक तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और नियमों की अनदेखी करते हैं। अब आईटीएमएस कैमरे इन सभी गतिविधियों को रिकॉर्ड करेंगे और चालान की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी। बताते चलें कि इससे पहले जिला पुलिस ने किरतपुर-मनाली फोरलेन और घुमारवीं बाजार में भी इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित किया था। वहां इस प्रणाली ने नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की और ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभाई। दधोल में कैमरों की स्थापना से अब घुमारवीं से हमीरपुर, धर्मशाला, लदरौर और शिमला की ओर जाने वाले मार्गों पर भी सख्त निगरानी सुनिश्चित होगी। आईटीएमएस कैमरे सिर्फ तस्वीर नहीं खींचते, बल्कि वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन कर कंट्रोल रूम तक डेटा भेजते हैं। वहां से वाहन मालिक का पूरा विवरण निकालकर चालान तैयार किया जाता है और एसएमएस, ई-मेल तथा डाक के माध्यम से इसकी प्रति भेजी जाती है।
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जिला पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने कहा कि इस प्रणाली का उद्देश्य चालान काटकर राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि जब वाहन चालक देखेंगे कि बिना रुके ही उनकी गलती पकड़ी जा रही है और चालान सीधे घर पहुंच रहा है, तो वे स्वयं नियमों का पालन करेंगे।
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