- रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर 492 वर्ष का लंबा इंतजार 22 जनवरी को होगा खत्म : त्रिलोक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में बिलासपुर सदर के मंदिरों में सफाई और उन्हें सजाने-संवारने का काम शुरू हो गया है। मंगलवार को शहर के डियारा सेक्टर स्थित विश्वकर्मा मंदिर परिसर में सफाई अभियान चलाया गया। विधायक त्रिलोक जमवाल के साथ ही कई अन्य लोगों ने मंदिर परिसर को संवारने के लिए श्रमदान किया।
करोड़ों हिंदुओं के आराध्य देव भगवान राम 22 जनवरी को अयोध्या में नवनिर्मित मंदिर में विराजमान होने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक मौके का सभी को बेसब्री से इंतजार है। हर जगह माहौल पूरी तरह से राममय हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले देशवासियों से अपने घरों और क्षेत्र के मंदिरों में सफाई करके उन्हें सजाने-संवारने का आह्वान किया है। उनके आह्वान पर विधायक त्रिलोक जमवाल की अगुवाई में मंगलवार को शहर के डियारा सेक्टर स्थित विश्वकर्मा मंदिर में सफाई की गई। पूरे मंदिर परिसर को पानी से साफ किया। जमवाल ने कहा कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर 492 वर्ष का लंबा इंतजार 22 जनवरी को खत्म होने जा रहा है। इसके लिए एक लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। यहां तक कि कई कार सेवक शहीद भी हुए। सदियों से किए जा रहे प्रयास अब सिरे चढ़ने जा रहे हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अहम भूमिका रही है। उन्होंने पूरे धैर्य और संजीदगी के साथ इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचाया। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के रूप में हिंदू सभ्यता और संस्कृति के इस ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित पल का गवाह बनने का मौका मिलना प्रत्येक देशवासी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे 22 जनवरी तक अपने घरों और आसपास के मंदिरों में सफाई करने के साथ ही उन्हें सजाने और संवारने का कार्य भी करें। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन मंदिरों में विधिवत रूप से पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन करके वे इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।