एक साल बाद भी नहीं बने एकीकृत विकास परियोजना के चार टैंक
पानी भरने के लिए पाइप तक नहीं बिछाई, फटने की कगार पर हैं टैंक
मंगल ठाकुर
बरठीं (बिलासपुर)। वर्ल्ड बैंक के सहयोग से शुरू हुई प्रदेश सरकार की एकीकृत विकास परियोजना के तहत बिलासपुर जिले की बड़गांव पंचायत में चार टैंकों का निर्माण कार्य बिना पूरा किए ही ठेकेदारों को लाखों रुपये का भुगतान कर दिया है। इस मामले में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
बड़गांव पंचायत के लेखराम, रमेश चंद्र, प्रकाश चंद, राजेंद्र, राजेश कुमार, राकेश कुमार, धनीराम और रामपाल ने बताया कि परियोजना के तहत उनके गांव में टैंकों का निर्माण कार्य एक साल पहले शुरू हुआ था। दो महीने के काम के बाद इसे बंद कर दिया गया। ग्रामीणों की जमीन बर्बाद हो गई और एक साल बाद भी टैंकों का काम अधूरा पड़ा है। टैंकों में पानी भरने के लिए पाइप तक नहीं बिछाई गई है। इससे टैंक फटने की कगार पर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदारों को भुगतान तो कर दिया है, लेकिन अधूरे काम ने किसानों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने सरकार से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और काम पूर्ण करवाने की मांग की है। एकीकृत विकास परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण को हरा-भरा रखना, किसानों की भूमि और जल संसाधनों की सुरक्षा करना और कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देना है। वर्ल्ड बैंक की इस परियोजना के तहत जिले की 34 पंचायतों को शामिल किया है। परियोजना के तहत जल संग्रहण के लिए टैंकों का निर्माण, लघु सिंचाई योजनाएं, नदियों और नालों में पानी एकत्र कर खेतों तक पहुंचाना, जंगलों में हरियाली और जंगली जानवरों के लिए जल संरक्षण शामिल है।
बड़गांव में परियोजना की धीमी प्रगति और अधूरे काम ने किसानों को लाभ पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचाया है। जिला एकीकृत परियोजना अधिकारी सौरभ जाखड़ ने बताया कि टैंकों का काम अधूरा रहने और पाइप न डालने की शिकायत मिली है। जांच कर जल्द से जल्द काम पूरा करवाया जाएगा, ताकि किसानों को परियोजना का लाभ मिल सके।